चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी ने साफ कह दिया है कि वह विभागीय कैंटीनों को अभी नहीं खोलेगा न ही कोई आदेश जारी किए जाएंगे। छात्रों को पीयू में बुलाया नहीं जा रहा है। ऐसे में शिक्षक व कर्मचारी कैंटीनों पर भीड़ लगा सकते हैं। सीनेट चुनाव भी पास हैं। ऐसे में यह कैंटीन राजनीतिक अड्डे के रूप में तब्दील हो सकती हैं। पीयू ने यह इसलिए कहा क्योंकि कुछ संचालकों ने कैंटीन खोलने की अनुमति मांगी थी।
पीयू में हर विभाग की अपनी कैंटीन हैं। संचालित कैंटीनों की संख्या 40 से अधिक है। इसके अलावा मार्केट के होटल, स्टूडेंट सेंटर की दुकानें आदि हैं। लॉकडाउन जब मार्च में लगा था तो पीयू ने 30 मार्च तक का किराया माफ कर दिया था। उसके बाद पीयू ने कोई संशोधित आदेश जारी नहीं किया। अब अनलॉक हो चुका है। सूत्रों का कहना है कि कैंटीन संचालकों से पीयू किराया ले सकता है। यह खबर संचालकों तक पहुंची तो उन्होंने पीयू प्रशासन को पत्र लिखकर कुछ कैंटीन संचालन की अनुमति मांगी, ताकि खर्च निकाल सकें। इस पर पीयू ने साफ मना कर दिया है। साथ ही संचालकों के सामने तर्क भी दिए हैं। न कैंटीन खुल सकती हैं और न स्टूडेंट सेंटर की दुकानें। पीयू का कहना है कि यह सब खुलेंगी तो इससे कोरोना का प्रसार हो सकता है।