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Chandigarh News: दागी दो पुलिस मुलाजिमों पर विभाग सख्त, किए जा सकते हैं बर्खास्त

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चंडीगढ़। पुलिस विभाग दागी मुलाजिमों पर पूरी तरह सख्ती दिखा रहा है। वर्ष 2019 में 45 हजार रुपये रिश्वतकांड में सीबीआई द्वारा पकड़े गए कांस्टेबल सुरिंदर राठी और इसी वर्ष मार्च में 50 हजार रुपये रिश्वत मामले में पकड़े गए हवलदार रणदीप सिंह राणा को विभाग बर्खास्त करने का विचार कर रहा है। इन दोनों दागी पुलिसकर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दोनों को विभाग ने नियमित विभागीय जांच में दोषी पाया है, जिसके बाद विभाग ने यह सख्ती दिखाई है। इन दोनों दागी पुलिसकर्मियों को विभाग ने अपना जवाब दायर करने को कहा है। इस जवाब के बाद विभाग अपनी कार्रवाई करेगा, जिसमें इन्हें नौकरी से भी निकाला जा सकता है।
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सूत्रों के अनुसार कांस्टेबल सुरिंदर राठी पर विभाग ने विभागीय जांच शुरु की गई थी। वह सेवा से अवैध रूप से 224 दिनों तक अनुपस्थित रहा था। जांच अधिकारी ने उसे जांच में दोषी पाया और उसे भी यह कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है। वहीं उसके खिलाफ आपराधिक मुकद्दमा भी चल रहा है। वर्ष 2019 में कांस्टेबल राठी मौलीजागरां के तत्कालीन थाना प्रभारी के साथ भ्रष्टाचार के मामले में आरोपी बनाया गया था। इन पर मामले में शिकायतकर्ता के भतीजे को एनडीपीएस मामले में आरोपी न बनाए जाने के लिए 45 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप था। राठी ने कथित रूप से थाना प्रभारी की तरफ से मौलीजागरां में एक तवेरन के पास यह रिश्वत की रकम ली थी। उस मामले में जनवरी, 2019 में थाने के तत्कालीन प्रभारी इंस्पेक्टर बलजीत और कांस्टेबल को पकड़ा गया था।

वहीं आरोपी हवलदार रणदीप सिंह पर सेवक राम नामक व्यक्ति को चंडीगढ़ पुलिस में नौकरी दिलवाने के नाम पर आठ लाख रुपये लेने के आरोप लगे थे। इस मामले में पुलिस जांच में उसे दोषी पाए जाने के बाद कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वह पहले भी अवैध रूप से वाहनों की चैकिंग करने के एक मामले में दोषी पाया गया था। वहीं हवलदार रणदीप सीबीआई केस में आरोपी होने के चलते निलंबित भी हुआ था और मौजूदा समय में सेक्टर- 26 पुलिस लाइन में तैनात है। उसके खिलाफ इसी वर्ष मार्च में दर्ज हुए रिश्वत मामले में उस पर धनास के एक व्यक्ति को दुष्कर्म मामले में न फंसाने के लिए उससे एक लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप थे। ऐसे में उसके खिलाफ सीबीआई ने भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया था।
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