चंडीगढ़। तीन दिन पहले सेक्टर- 19 स्थित डीईओ दफ्तर की छत पर नौकरी से परेशान कर्मचारी धनीराम ने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया था। इस मामले में सेक्टर- 19 थाना पुलिस ने धनीराम और उसका साथ देने वाले सेक्टर- 53 के गवर्नमेंट मॉडल हाईस्कूल के चौकीदार रंजीत सिंह (ग्रुप डी कर्मचारी प्रधान) के खिलाफ आत्महत्या की कोशिश करने और दंगा फैलाने की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
जिला शिक्षा अधिकारी नीना कालिया ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बीते बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे फैदां का रहने वाला पूर्व कर्मचारी धनीराम बिना अनुमति के डीईओ दफ्तर में आकर छत पर चढ़ गया। इस दौरान वह खुद पर पेट्रोल छिड़ककर जोर जोर से चिल्लाने लगा कि वह आत्महत्या कर लेगा। शोर सुनकर दफ्तर के कर्मचारी छत की ओर भागे और धनीराम को यह सब करते देख कर्मचारियों ने उसे ऐसा करने से रोका। जब उन्हें इसकी सूचना मिली तो उन्होंने दफ्तर से बाहर निकलकर मामले को जानने की कोशिश की। आरोप है कि इस दौरान सेक्टर- 53 के मॉडल हाईस्कूल का चौकीदार रंजीत सिंह उनके कर्मचारियों से बहस कर रहा था। साथ ही उनकी शालीनता को चुनौती देकर मारने के लिए मुक्का दिखाया। इतना ही नहीं वह धनीराम को आत्मदाह करने के लिए लगातार उकसा भी रहा था। शिकायत के आधार पर सेक्टर- 19 पुलिस ने धनीराम और रंजीत के खिलाफ केस दर्ज किया है, वहीं पुलिस का कहना है कि रंजीत सिंह की भूमिका की छानबीन की जा रही है।
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यह था मामला
फैदां के रहने वाले धनीराम ने 7 अप्रैल को डीईओ दफ्तर की छत पर खुद के ऊपर पेट्रोल छिड़ककर धनीराम ने आग लगाने का प्रयास किया था। आरोप था कि वर्ष 2011 में धनीराम को सेक्टर- 53 के सरकारी स्कूल में डीसी रेट पर ग्रुप में भर्ती हुआ था, लेकिन 2015 में उसका तबादला सेक्टर- 42 के सरकारी स्कूल में कर दिया गया और उसे बिना बताए ही ठेके पर रख लिया। तीन माह बाद उसकी तनख्वाह आई तो उसे पता चला कि उसे अब ठेके पर रख लिया गया है। इसको लेकर उसने शिक्षा विभाग के अधिकारियों, सांसद, प्रशासक सभी को पत्र लिखे, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। नौ महीने पहले इसे नौकरी से निकाल दिया गया, जिसके बाद से वह मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। इसके चलते उसने घटना को अंजाम दिया।