फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

2050 तक तीन गुना बढ़ जाएगी मांग, समय रहते प्रौद्योगिकी को अपनाएं किसान

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। परेड ग्राउंड में चल रहे एग्रो-टेक 2022 के तीसरे दिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के महत्व पर एक सत्र का आयोजन हुआ। पैनलिस्टों और विशेषज्ञों ने खाद्य मांग की बढ़ती आवश्यकता को पूरा करने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग और इसके कार्यान्वयन के बारे में अपने-अपने विचार साझा किए।
विज्ञापन

खेती में प्रौद्योगिकी की आवश्यकता पर जोर देते हुए वर्ल्डवाइड इनोवेटर वियर्ड वोंक ने कहा कि बढ़ती आबादी के साथ वर्ष 2050 तक भोजन की आवश्यकता 70 प्रतिशत बढ़ने जा रही है और इस मांग को पूरा करने के लिए आवश्यकता तीन गुना होगी। यह महत्वपूर्ण है कि हम इससे निपटने के लिए उत्पादकता और खेती बढ़ाने के लिए कृषि में प्रौद्योगिकी का उपयोग करने के महत्व को समझें। अभी भी ऐसे सीमांत किसान हैं, जो लंबे समय से खेती के पारंपरिक तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्हें एआई से परिचित कराने की आवश्यकता पर बोलते हुए सीआईआई रीजनल कमेटी ऑन डीटी एंड एआई के को-चेयरमैन विनोद सूद ने कहा कि सीमांत किसान को नवीनतम तकनीक प्राप्त करना एक चुनौती है। प्रौद्योगिकी को किसानों के लिए किफायती बनाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाना चाहिए ताकि उसे खेती के लिए अपनाया जा सके और अधिक उपज और बेहतर मुनाफा कमाया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें