-जमानत पर रहते हुए इसकी शर्तों को तोड़ने का याचिका में है आरोप
-हाईकोर्ट ने याचिका पर ललित गोयल व ईडी को नोटिस जारी कर मांगा जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। रियल एस्टेट कंपनी आईआरईओ के प्रबंध निदेशक ललित गोयल पर जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए उनकी जमानत रद्द करने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। याचिका पर हाईकोर्ट ने ईडी व ललित गोयल को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। याची गुलशन बब्बर ने याचिका में आरोप लगाया है कि ललित गोयल हजारों करोड़ों के धोखाधड़ी के मामले में जमानत पर है। हाईकोर्ट ने उनको जमानत देते हुए कंपनी की संपत्ति को बेचने पर रोक लगाई थी लेकिन गोयल ने लोगों के पैसे से अर्जित संपत्तियों को बेच दिया। जस्टिस एनएस शेखावत ने सभी प्रतिवादी पक्ष को 14 नवम्बर के लिए नोटिस जारी कर जवाब देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सवाल उठाया कि कैसे एक आरोपी जमानत पर आने के बाद संपत्ति को बेचता रहा जबकि ऐसा करने पर रोक लगी थी। कोर्ट को बताया गया कि आईआरईओ समूह ने गुरुग्राम, सोनीपत और पंचकूला सहित अन्य शहरों में कई परियोजनाएं जारी की थीं। अधिकतर परियोजनाओं को पूरा नहीं किया और लोगों के हजारों करोड़ रुपये फंस गए। मामले में ईडी ने अलग-अलग शिकायतों की जांच के बाद एफआईआर दर्ज की थी और ललित गोयल को गिरफ्तार किया गया था। जमानत पर आने के बाद उसने करीब 10 हजार करोड़ के शेयर और गुरुग्राम में 25 एकड़ जमीन भी बेची है।