एचएसएनसीबी ने दिल्ली नारकोटिक्स ब्यूरो को लिखा पत्र
चंडीगढ़। हरियाणा के पंजाब से लगते जिलों में नशीली दवाओं के दुरुपयोग बढ़ता जा रहा है। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एचएसएनसीबी) ने अपनी जांच में पाया कि युवा नशे के लिए न्यूरोलॉजी व मनोचिकित्सा में इस्तेमाल होने वाली दो दवाओं (अमर उजाला जनहित में इन दवाओं का जिक्र नहीं कर रहा है) का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है। लोगों में इसकी लत लगती जा रही है। यह दवाएं नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के दायरे में नहीं आती है। इसलिए इनका कोई रिकॉर्ड रखे बिना और बिना डॉक्टरी परामर्श के ही बेचा जाता है। इसलिए दोनों दवाओं को एनडीपीएस के दायरे में लाना जरूरी है। एचएसएनबी ने दिल्ली स्थित नारकोटिक्स ब्यूरो को पत्र लिखकर दोनों दवाओं को एनडीपीएस एक्ट लाने का सुझाव दिया है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने बताया कि इन दवाओं के अनियंत्रित दुरुपयोग के दूरगामी परिणाम होते हैं, जो बड़े पैमाने पर व्यक्तियों, परिवारों और समाज को प्रभावित करते हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को भी बढ़ाता है। इसलिए इन दवाओं की निगरानी और नियंत्रण जरूरी है।