फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: रंजीता मेहता के समय हुई नियुक्तियों की जांच और परिषद के ऑडिट की मांग

विज्ञापन
विज्ञापन
खुलकर विरोध में आईं परिषद उपाध्यक्ष और कर्मचारी यूनियन
विज्ञापन

राज्यपाल, सीएम और डीजीपी से जांच कराने की मांग की


अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की महासचिव रही रंजीता मेहता के समय हुई नियुक्तियों की जांच की मांग की गई है। साथ ही परिषद के लेखा-जोखा का ऑडिट कराने की मांग ने भी जोर पकड़ा है। हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष पारीसा शर्मा ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री और डीजीपी से मांग दोहराई है। परिषद कर्मचारियों की यूनियन इंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन ने भी मेहता के कार्यकाल में हुई नियुक्तियों और तबादलों की जांच की मांग की है। शिकायत के साथ बाकायदा सबूत भी लगाए गए हैं। लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर परिषद की महासचिव रंजीता मेहता को राज्यपाल ने पद से हटा दिया है। उनके स्थान पर नई नियुक्ति नहीं की गई है, फिलहाल महिला एवं बाल विकास विभाग इस जिम्मेदारी को निभाएगा।
-
एक अधिकारी के 20 रिश्तेदारों को नौकरी
हरियाणा बाल कल्याण परिषद इंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन का आरोप है कि परिषद में एक अधिकारी के 20 रिश्तेदारों को नौकरी दी गई है। पहले भी इस मामले की शिकायत राज्यपाल और मुख्यमंत्री को दी गई थी। एसोसिएशन ने कर्मचारियों के नाम और पद का ब्योरा तैयार करके शिकायत के साथ दिया है। आरोप है कि पहले परिषद में ठेके पर कर्मचारियों को नौकरी दी गई और दो से चार माह के बाद आनन-फानन में उनको पक्का भी कर दिया गया। एसोसिएशन के प्रधान सुखविंद्र सिंह ने आशंका जताई कि इसमें भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने रंजीता मेहता के पूरे कार्यकाल की जांच कराने और रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है।
विज्ञापन


-नियमों को ताक पर रखने का आरोप
हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष पारीसा शर्मा का आरोप है कि पिछले दो साल के कार्यकाल में परिषद में नियमों को ताक पर रख कर कार्य किए गए हैं। इनमें नियुक्तियां और तबादले भी शामिल हैं। वह खुद इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री और राज्यपाल से कर चुकी हैं। अब परिषद के ऑडिट की जरूरत है, ताकि खर्च का पूरा ब्योरा मिल सके।
विज्ञापन


-
मैंने पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किया है। कुछ लोग बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं, इनमें सच्चाई नहीं है। मुझ पर भरोसा करके सरकार ने जो जिम्मेदारी दी थी, मैंने उसे निभाने में कसर नहीं छोड़ी। तमाम आरोप झूठे और मनघड़ंत हैं।
रंजीता मेहता, पूर्व महासचिव, बाल कल्याण परिषद।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें