चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय में पूर्व वीसी प्रो. राजकुमार के समय में रिश्वत मामले में विजिलेंस की ओर से जेई को दोषी करार दिया गया है। इस मामले को लेकर पूर्व फैलो डाॅ. रबींद्रनाथ शर्मा की ओर से वीरवार शाम को वीसी प्रो. रेणु विग को बिना देरी के दोषी जेई पर एफआईआर दर्ज करवाने की मांग की गई है।
पीयू की ओर से 23 सितंबर को सिंडीकेट की बैठक आयोजित करवाई जा रही है। इसमें एजेंडे के रूप कंस्ट्रक्शन विभाग के जेई के रिश्वत मामले के केस को भी रखा जा रहा है। पीयू के चीफ विजिलेंस ऑफिसर और यूटी प्रशासन के विजिलेंस विभाग की जांच में जेई को दोषी करार दिया गया है।
बता दें कि लगभग एक साल पहले पीयू के जेई की ओर से नौकरी बचाने के नाम पर कंस्ट्रक्शन विभाग के ही कर्मचारी से पैसे वसूले गए थे। जेई के अकाउंट में हुए पैसों के ट्रांसफर को लेकर भी जांच में जेई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाया था। इसके बाद विजिलेंस की टीम की ओर से जेई को दोषी करार दिया था। पूर्व फैलो डाॅ. रबींद्रनाथ और प्रिंसिपल जरनैल सिंह की ओर से डीजीपी को भी दो बार पत्र लिखकर पीयू के भ्रष्टाचार की जानकारी दी गई और कार्रवाई करने के लिए लिखा गया। इससे पहले भी पीयू की सीनेट और सिंडीकेट में सदस्यों की ओर जेई के मसले पर कार्रवाई करने को लेकर पूर्व वीसी का घेराव किया था। मामले की जांच कमेटी में फैलो सत्यपाल जैन थे। वहीं, जैन की ओर से भी पीयू में भ्रष्टाचार के खिलाफ कई बार आवाज उठाई गई थी और मुद्दे को गंभीरता से उठाया गया था।