-जगविंदर सिंह ने दवा व उपकरणों की खरीद में करोड़ों के घोटाले का लगाया है आरोप
-विपक्ष में रहते दुष्यंत चौटाला ने सदन में उठाया था मुद्दा, महंगे दामों पर मेडिकल उपकरण व दवाओं की खरीद में घोटाले का है याचिका में आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। दवाओं और उपकरणों की हरियाणा के स्वाथ्य विभाग में खरीद के दौरान करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए जांच ईडी से करवाने की अपील पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को 13 मार्च तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। जगविंदर सिंह कुल्हरिया ने एडवोकेट प्रदीप रापड़िया के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया है कि हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में दवा खरीद के दौरान बड़ा घोटाला हुआ था। इसकी जानकारी 2018 में आरटीआई से प्राप्त हुई थी और तब दुष्यंत चौटाला ने सीबीआई जांच और कैग से आडिट कराने की मांग की थी। आरटीआई के अनुसार तीन साल में राज्य सरकार द्वारा करोड़ की दवाएं और उपकरण खरीदे गए। याची का आरोप है कि यह उपकरण और दवाएं बाजार के भाव से कहीं अधिक पर खरीदे गए थे। याची ने कहा कि चौटाला ने तब मुद्दा जोर शोर से उठाया था लेकिन प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बनने के बाद वह मुद्दा ही भूल गए।
याची ने बताया कि हिसार की एक दवा कंपनी जिस पते पर दर्ज है वहां कोई कंपनी नहीं बल्कि धोबी बैठा है। हिसार और फतेहाबाद के सामान्य अस्पतालों में चिकित्सा उपकरणों सप्लाई करने वाली फर्म का मालिक नकली सिक्के बनाने के आरोप में तिहाड़ जेल में था। हैरानी की बात यह है कि उसने जेल से ही टेंडर प्रक्रिया में भाग लिया और स्वास्थ्य विभाग के कर्मी ने उसके झूठे हस्ताक्षर किए। याचिकाकर्ता ने पहले इसी मांग को लेकर हाईकोर्ट में सामान्य याचिका दायर की थी। तब जस्टिस ऋतू बाहरी की खंडपीठ ने इस मामले को बेहद गंभीर और व्यापक जनहित का मामला मानते हुए इस याचिका पर जनहित याचिका के तौर पर सुनवाई का आदेश देते हुए इसे मुख्य न्यायाधीश बेंच के समक्ष भेज दिया था।