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बिजली विभाग का निजीकरण रद्द करने की मांग, यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व सांसद सत्यपाल जैन को सौंपा ज्ञापन

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चंडीगढ़। शहर के बिजली विभाग के किए जा रहे निजीकरण को रद्द कराने के लिए पार्षद देवेश मोदगिल की अगुवाई में यूटी पावरमैन यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल पूर्व सांसद सत्यपाल जैन से मिला। प्रतिनिधिमंडल में शामिल यूनियन के महासचिव गोपाल दत जोशी, प्रधान ध्यान सिंह, दर्शन सिंह, अमरीक सिंह व गुरमीत सिंह ने उन्हें ज्ञापन दिया।
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ज्ञापन में यूनियन ने कहा कि वर्ष 1967 में यूटी बनने के बाद से विभाग ने काफी उन्नति की है। जनता को 24 घंटे बिजली सप्लाई दी जा रही है। भारत सरकार ने 17 अप्रैल 2020 को बिजली एक्ट में संशोधन करने के लिए बिजली (संशोधित) बिल 2020 का मसौदा तैयार कर संबंधित स्टेक होल्डरों से सुझाव मांगे। अभी बिल संसद में पेश भी नहीं हुआ कि उससे पहले ही सभी केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली वितरण का निजीकरण का फैसला कर लिया। ज्ञापन में कहा गया कि जब यूटी में बिजली एक्ट-2003 की सभी धाराएं लागू हैं तो संसद में संशोधन से पहले ही यूटी का निजीकरण करना न्यायोचित नहीं है। ज्ञापन को पढ़ने के बाद सत्यपाल जैन ने इस मामले में अपनी सहमति जताते हुए यूनियन को पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया तथा इस मुद्दे पर शीघ्र प्रशासक को लिखने की बात कही।
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