जो सिख उमीदवार डेर मुखी के पास मदद मांगने के लिए गए थे, उनके खिलाफ अकाली दल और अकाल तख्त के जत्थेदार द्वारा कार्रवाई की जानी चाहिए। यह कहना है कि दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने मंगलवार को कहा।
उन्होंने कहा कि उन सिख उम्मीदवारों ने सिख मर्यादा का उल्लंघन किया है। एक प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि केजरीवाल की सांझ सिख विरोधी ताकतों के साथ है। 2014 में दिल्ली के विधानसभा चुनाव से पहले भी कई धार्मिक स्थलों पर हमले हुए थे।
इसके चलते पंजाब में एक साजिश के तहत श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करवाई गई है और उसी साजिश को पंजाब में दोहराए जाने का संदेह है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में पहले से ज्यादा शराब के ठेके खोल दिए हैं और वहां नशे में बढ़ोतरी हुई है।
अकाली भाजपा सरकार के राज में पंजाब में नशे के चलते हुई युवाओं की हालत संबंधी पूछे गए सवाल का जवाब देने के बजाय जीके आप की सरकार पर ही बरसते रहे।
डेरा सच्चा सौदा ने किया अकाली-भाजपा गठबंधन का समर्थन
ram rahim singh
विधानसभा चुनाव 2017 के लिए डेरा सच्चा सौदा ने अकाली-भाजपा गठबंधन को समर्थन किया है। इसका अधिकारिक ऐलान भी कर दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, डेरे की पॉलिटिकल विंग ने यह फैसला लिया और एक प्रेस वार्ता करके इसकी घोषणा की दी।
बता दें कि इससे पहले यूपी और पंजाब चुनाव के मद्देनजर किसी एक पार्टी को समर्थन दिए जाने के सवाल पर डेरा प्रमुख ने कहा कि वे और डेरा किसी पार्टी को समर्थन नहीं करते, लेकिन उस राज्य की साध-संगत अपने स्तर पर किसी एक पार्टी को चुनती है, जो साध-संगत की बात को सुनती है और बुरे कार्यों पर लगाम कसने का शपथ पत्र साध-संगत को देती है।
डेरा सच्चा सौदा की राजनीतिक विंग के चेयरमैन राम सिंह का कहना था कि डेरा धर्म या जाति के नाम पर किसी का समर्थन नहीं करता। हर विधानसभा क्षेत्र में साध संगत के पदाधिकारी साध संगत से उम्मीदावारों के बारे में राय ले रहे हैं, बाद में राजनीतिक विंग की बैठक में चर्चा की जाएगी, साध संगत को जो अच्छा लगेगा, वहां जाएगी।