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CAA पर कैप्टन बोले- इतने ईमानदार हैं तो केंद्र से नाता तोड़ें अकाली, सुखबीर ने भी किया पलटवार

Tue, 21 Jan 2020 09:03 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सुखबीर बादल, कैप्टन अमरिंदर सिंह ।
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शिअद द्वारा नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के मुद्दे पर भाजपा से मतभेदों के कारण दिल्ली विधानसभा चुनाव न लड़ने को हास्यास्पद करार दिया है। इसके साथ ही उन्होंने अकालियों को इस असंवैधानिक कानून पर अपनी ईमानदारी साबित करने के लिए केंद्र से गठबंधन तोड़ने की चुनौती भी दी क्योंकि संसद के दोनों सदनों में इस बिल को पास करने के समय अकालियों ने भी समर्थन दिया था।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सीधा और स्पष्ट फैसला क्यों नहीं लेते और लोगों को यह क्यों नहीं बताते कि आप विभाजनकारी और विनाशकारी कानून सीएए के खिलाफ सचमुच खड़े हो। उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल अकाली मंत्री को विवादित कानून पर लिए स्टैंड के मद्देनजर तुरंत इस्तीफा देने के लिए कहा क्योंकि इस कानून के खिलाफ समाज के सभी वर्गों में राष्ट्रीय स्तर पर रोष है। 

कैप्टन ने अकालियों से पूछा, ‘‘यदि आपको सीएए मुस्लिम विरोधी लगता था तो फिर आपने राज्यसभा और लोकसभा में इस कानून के समर्थन में मेज क्यों थपथपाई?’’ उन्होंने कहा कि संसद में अकालियों द्वारा इस कानून की खुलकर की गई हिमायत रिकॉर्ड का हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के बाद दिल्ली दूसरा राज्य है जहां अकाली दल ने भाजपा के साथ न चलने का फैसला लिया है लेकिन अकालियों द्वारा दिल्ली चुनाव सीएए पर मतभेद होने के कारण न लड़ने का किया गया दावा बेहूदा और अस्वीकार्य है। 

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उन्होंने कहा कि दिल्ली चुनाव में से बाहर निकलना स्पष्ट तौर पर अकाली दल की मजबूरी थी क्योंकि इन्हें इस बात का भलीभांति एहसास है कि जमीनी स्तर पर उन्हें कोई समर्थन नहीं है और राष्ट्रीय राजधानी में यह एक भी सीट नहीं जीत सकते। ऐसा भी लगता है कि भाजपा अकाली दल को वह कुछ देने के लिए तैयार नहीं थी जो सीटों के रूप में अकाली चाहते थे जिस कारण उन्होंने स्थिति में से बाहर निकलने का बेहतर ढंग ढूंढा। 

कैप्टन ने कहा कि इसमें कोई हैरानी नहीं कि शिअद की हालत बहुत नाजुक है और पंजाब में भी वह जमीनी आधार खो चुके हैं। उन्होंने कहा कि अकाली दल अंदरूनी लड़ाई का सामना कर रहा है और पार्टी टूटने की कगार पर खड़ी है। मुख्यमंत्री ने अकालियों से कहा कि संवेदनशील और नाजुक मसले पर झूठे दावे और विपरीत स्टैंड लेकर लोगों को मूर्ख बनाने की कोशिश न करें क्योंकि इस मसले पर देश का भविष्य टिका हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘आप लोगों से आशा नहीं कर सकते कि वह यह विश्वास करें कि आप गंभीर हो, वह भी उस समय जब आप संसद में भाजपा और केंद्र में सरकार के साथ खड़े हो।’’

'सीएम बताएं कि वह पीड़ित सिखों को मिली राहत के खिलाफ हैं'
शिरोमणि अकाली दल प्रधान सुखबीर बादल ने कहा है कि सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह यह स्पष्ट करें कि वह सीएए के तहत सिखों को मिली राहत के खिलाफ हैं। क्या वह सीएए के तहत सिखों को मिली राहत खत्म करवाने को एक्ट रद्द करवाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। सुखबीर ने कहा कि कैप्टन सिर्फ कांग्रेस का सिख विरोधी एजेंडा पूरा कर रहे हैं। 

अगर वे पड़ोसी देशों के सिखों को राहत देने को संजीदा हैं तो उन्हें शिअद की एक्ट में मुस्लिमों को शामिल करने की मांग का समर्थन करना चाहिए। पाक के आंकड़ों के मुताबिक वहां 1000 हिंदू, सिख लड़कियों का अपहरण कर धर्म परिवर्तन करवाया गया। अकाली दल ने सिखों को बचाने के लिए नागरिकता संशोधन कानून के पक्ष में वोट दिया था। पर इसमें मुस्लिमों को शामिल करने की मांग कर पार्टी ने अपना विरोध भी जता दिया था। इस मुद्दे पर सैद्धांतिक स्टैंड छोड़ने के बजाय हमने दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ना छोड़ दिया है। पार्टी ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वह राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के खिलाफ है।
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