राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए बुधवार से दिल्ली आने वाली बीएस-3 और बीएस-4 डीजल बसों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। इससे दिल्ली जाने वाली कई राज्यों की बस सेवा प्रभावित हुई है। वहीं चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) की तरफ से कहा गया है कि दिल्ली सरकार के आदेश से सीटीयू की बसों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा, क्योंकि सीटीयू की सभी बसें नई और बीएस-6 की हैं।
वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक, सीएनजी और बीएस-छह के अनुपालक डीजल बसों को संचालित करने के आदेश जारी किए गए हैं। चंडीगढ़ से रोजाना करीब 22 बसें दिल्ली जाती हैं। ये सभी बसें हीटिंग, वेंटिलेटिंग और एयर कंडीशनिंग (एचवीएसी) हैं। इसमें से 15 बसें सीधे दिल्ली जाती हैं और सात बसें दिल्ली से होते हुए अन्य जगह जाती हैं जैसे जयपुर जाने वाली दो बसें, आगरा, वृंदावन, दो बसें रेवाड़ी और नारनौल जाने वाली एक बस दिल्ली से होकर जाती है। ये सभी बसें बीएस-6 की हैं, इसलिए सीटीयू की सेवा प्रभावित नहीं होगी।
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सीटीयू के अधिकारियों का कहना है कि कभी किसी बस के खराब हो जाने की स्थिति में रिजर्व गाड़ी को चलाया जाता है लेकिन अब यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ऐसी स्थिति में भी दिल्ली बीएस-6 गाड़ी ही भेजी जाए ताकि सवारियों को किसी तरह की कोई समस्या न आए। बता दें कि दिल्ली सरकार के इस आदेश का विरोध भी हो रहा है। विभिन्न रोडवेज और निजी बस मालिकों का कहना है कि प्रदूषण में सबकी भागीदारी है, ऐसे में केवल बसों पर प्रतिबंध लगाना उचित नहीं है।
लंबी दूरी की 60 बसों को खरीदने के लिए सीटीयू ने जारी किया टेंडर
परिवहन विभाग ने लंबी दूरी के लिए 60 नॉन-एसी बसें खरीदने के लिए बुधवार को टेंडर जारी कर दिया। ज्यादा से ज्यादा कंपनियां टेंडर में हिस्सा लें, इसके लिए आठ नवंबर को प्री बिड बैठक भी रखी है। इन बसों के आने के बाद विभाग कई रूटों पर बसों की संख्या को बढ़ाएगा। साथ ही कुछ नए रूट शुरू करने की भी योजना है। इसके अलावा सीटीयू लोकल रूट पर छह महीने के अंदर 100 ई-बसें उतारने की भी तैयारी कर रहा है। पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत सीटीयू को 100 बसों के लिए केंद्र सरकार से प्रति किमी 24 रुपये की सब्सिडी मिलेगी।