-अगली सुनवाई तक मंजूरी नहीं तो गृह विभाग के एसीएस व ट्रांसपोर्ट कमिश्नर रहें हाजिर
-बंबीहा गैंग से खतरा बता सेतिया ने अपनी व परिवार की सुरक्षा के लिए लगाई थी गुहार
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। गोकुल सेतिया की गाड़ी को बुलेट प्रूफ बनाने को लेकर 4 सप्ताह में मंजूरी देने का विश्वास दिलाने के बावजूद देरी पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने गृह व परिवहन विभाग को जमकर फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि अगली सुनवाई तक मंजूरी नहीं दी गई कि गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद व ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को खुद हाजिर रहना होगा। सेतिया ने एडवोकेट अर्पणदीप नरूला के माध्यम से अपने और अपने परिवार के लिए सुरक्षा प्रदान करने के निर्देश देने की हाई कोर्ट से मांग की थी। गोकुल ने 2019 के राज्य विधानसभा चुनाव में इंडियन नेशनल लोक दल (आईएनएलडी) के समर्थन से एक आजाद उम्मीदवार के रूप में वर्तमान विधायक गोपाल कांडा के खिलाफ सिरसा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन वे चुनाव हार गए थे। अपनी याचिका में गोकुल सेतिया ने बताया कि स्टेट स्पेशल आपरेशंस सेल (एसएसओसी) मोहाली ने एक ऑपरेशन चलाया और दो गैंगस्टरों सिरसा के कुलदीप सिंह किंगरा और कोटकपूरा के हरिंदर सिंह को गिरफ्तार किया। ये दोनों बंबीहा गैंग के हैं, जिसका नेतृत्व लकी पटियाल कर रहा है और इनके खिलाफ 19 दिसंबर 2022 को विभिन्न आरोपों के तहत मोहाली में एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में पूछताछ करने पर कुलदीप सिंह किंगरा ने खुलासा किया कि बंबीहा गैंगस्टर समूह याचिकाकर्ता को निशाना बनाने की योजना बना रहा है और इसकी टोह पहले ही ली जा चुकी है। 28 फरवरी 2023 को याचिकाकर्ता ने बुलेट प्रूफ वाहन की मंजूरी के साथ-साथ हथियार लाइसेंस देने के लिए डीसी सिरसा को एक आवेदन दिया था। याचिका पर हरियाणा पुलिस ने स्टेटस रिपोर्ट दायर कर बताया कि सेतिया की सुरक्षा में तीन गन मैन स्थाई तौर पर तैनात कर दिए है। याची ने अपनी नई गाड़ी को बुलेट प्रूफ करने की मांग की थी जिसे स्थानीय स्तर पर मंजूरी दे दी गई है और अब परिवहन विभाग नियमों के अनुसार इस पर 4 सप्ताह मे निर्णय लेगा। सरकार के इस जवाब पर हाई कोर्ट ने सेतिया की याचिका का निपटारा कर दिया था।
अब सेतिया ने याचिका दाखिल कर बताया कि कोर्ट को विश्वास दिलाने के बावजूद आदेश का पालन नहीं किया गया और उसे अभी तक बुलेट प्रूफ वाहन की अनुमति नहीं मिली है। इसपर कड़ा रुख अपनाते हुए हाईकोर्ट ने अवमानना नोटिस जारी कर दिया है।