एमएमयू मुलाना की दिखा रखी थी फर्जी डिग्री, अभी तक पांच पर हुई है कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा मेडिकल काउंसिल (एचएमसी) ने जिन पांच डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया था, उनमें दो डॉक्टरों की डिग्री और तीन की एनओसी फर्जी मिली है। जिन डॉक्टरों की एनओसी फर्जी मिली, उन्होंने मध्यप्रदेश और ओडिशा के कॉलेज की एनओसी दी थी, जबकि दो डॉक्टरों ने एमएमयू मुलाना की फर्जी डिग्री दिखाई थी। हरियाणा मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. आरके अनेजा ने बताया, जो डॉक्टर रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करते हैं, उनकी डिग्री व एनओसी की जांच एक सतत प्रक्रिया है। इसमें फर्जीवाड़ा मिलने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की जाती है। नियमानुसार कोई भी डॉक्टर किसी राज्य से रजिस्ट्रेशन करवा सकता है। ऐसे में कई डॉक्टर हरियाणा में भी रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करते हैं। मेडिकल काउंसिल रजिस्ट्रेशन से पहले आवेदन करने वाले डॉक्टरों की डिग्री और एनओसी की कई स्तर पर जांच करता है। वहीं, कई बार कुछ लोग गुप्त शिकायत दे जाते हैं, उन शिकायतों पर संज्ञान लेकर कार्रवाई की जाती है।पिछले दिनों में जांच में पांच डाक्टरों के खिलाफ फर्जीवाड़ा सामने आया था। इनमें से दो डॉक्टरों ने मध्यप्रदेश के कॉलेज और एक डॉक्टर ने ओडिशा के मेडिकल कॉलेज की एनओसी दिखाई थी। इन लोगों की एमबीबीएस की डिग्री और एनओसी अलग-अलग कॉलेज से थी। इससे काउंसिल के अधिकारियों को शक हुआ। वहीं, ओडिशा से एनओसी प्राप्त करने वाले डॉक्टर के खिलाफ शिकायत आई थी। इसलिए तीनों एनओसी को संबंधित कॉलेज में भेजा गया, जहां से सूचना मिली कि तीनों एनओसी फर्जी है। वहीं, दो डॉक्टरों ने एमएमयू मुलाना की एमबीबीएस की डिग्री दिखाई थी। उसकी जांच करवाई तो वह भी फर्जी मिली। पांचों के खिलाफ मेडिकल काउंसिल ने कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की है। अभी तक सिर्फ पांच डॉक्टरों का फर्जीवाड़ा सामने आया है। फर्जीवाड़ा मिलने पर मेडिकल काउंसिल डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन पहले भी रद्द करता आया है।