चंडीगढ़। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 155 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में आम आदमी पार्टी के नेता दीपक सिंगला को गिरफ्तार किया है। ईडी के चंडीगढ़ जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कार्रवाई कर आरोपी को हिरासत में लिया। नई दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड लेने के बाद उसे पंचकूला स्थित विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां से छह दिन की रिमांड मंजूर की गई। बाद में अदालत ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
ईडी की जांच सीबीआई की एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। मामला महेश टिंबर प्राइवेट लिमिटेड, उसके निदेशकों और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया था। आरोप है कि विदेशी लेटर ऑफ क्रेडिट (एलसी) में अवैध स्विफ्ट संशोधन कर बैंकिंग प्रणाली के साथ धोखाधड़ी की गई, जिससे ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स समेत बैंकों के एक समूह को करीब 155.21 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
जांच में सामने आया कि महेश टिंबर प्राइवेट लिमिटेड ने भारत और सिंगापुर स्थित सहयोगी कंपनियों एवं व्यक्तियों के साथ मिलकर लगभग 195.02 करोड़ रुपये की रकम संदिग्ध तरीके से ट्रांसफर की। यह लेन-देन ऐसे आयात के नाम पर किए गए जिनका वास्तविक अस्तित्व नहीं था। कस्टम विभाग की जांच में कई बिल ऑफ एंट्री और बिल ऑफ लीडिंग दस्तावेज फर्जी पाए गए। ईडी के अनुसार अमेजन एक्सपोर्ट्स पीटीई लिमिटेड, महेश टिंबर सिंगापुर पीटीई लिमिटेड, ट्रैफिक मीडिया इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, बीवीएम शिपिंग पीटीई लिमिटेड और पर्ल मैरिटाइम पीटीई लिमिटेड जैसी कंपनियों का इस्तेमाल कथित तौर पर फर्जी आयात नेटवर्क खड़ा करने के लिए किया गया।
इन कंपनियों के जरिए लकड़ी आयात का झूठा रिकॉर्ड दिखाकर बैंकों से बड़ी रकम सिंगापुर भेजी गई। जांच एजेंसी के मुताबिक दीपक सिंगला इस पूरे नेटवर्क का अहम किरदार रहा है। वह अशोक कुमार मित्तल और रमन सिंघल का करीबी सहयोगी बताया गया है और संबंधित अवधि में कई कंपनियों में निदेशक तथा प्रबंधन स्तर के पदों पर कार्यरत था। ईडी अब मामले में मनी ट्रेल, फर्जी लेन-देन और अन्य आरोपियों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है।