चंडीगढ़। जूनियर कोच यौन शोषण मामले में फंसे हरियाणा के मंत्री संदीप सिंह की ओर से अग्रिम जमानत याचिका पर वीरवार को सुनवाई पूरी हो गई। मामले की जांच कर रही एसआईटी के साथ पीड़ित महिला कोच के वकील ने जमानत का विरोध किया। शिकायतकर्ता कोच के वकील समीर सेठी और दीपांशु बंसल ने आरोपी की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका पर लिखित जवाब दाखिल कर खारिज करने की मांग की। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया कि संदीप सिंह ने जानबूझकर मामले से जुड़े तथ्य छिपाए हैं। इसमें जांच एजेंसी को प्रभावित करने और सही तथ्यों को निर्धारित करने में सहयोग न करने वाली जानकारी शामिल है। यदि मामले में आरोपी को अग्रिम जमानत का लाभ दे दिया जाता है तो वह मुकद्दमे को भी प्रभावित कर सकता है। वहीं पीड़िता को आरोप वापस लेने के लिए भी प्रभावित कर सकता है। सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला 15 सितंबर के लिए सुरक्षित रख लिया है।
याचिका के विरोध में कहा गया है कि आरोपी पुलिस के नोटिस के बाद 7 जनवरी, 10 फरवरी, 2 जून और 2 अगस्त को पुलिस जांच में शामिल हुआ था। आरोपी की ओर से पुलिस को दिए बयानों और जांच में सामने आए तथ्यों के बीच विरोधाभास को लेकर पुलिस की ओर से लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की मांग की गई थी लेकिन आरोपी ने अदालत में जवाब दायर कर टेस्ट करवाने से इन्कार कर दिया। इसके बाद 5 मई को अर्जी का निपटारा हो गया।
क्या है मामला
26 दिसंबर 2022 को जूनियर महिला कोच ने हरियाणा के मंत्री संदीप सिंह के खिलाफ यौन-उत्पीड़न सहित अन्य आरोप के तहत चंडीगढ़ पुलिस में शिकायत दी। जांच के बाद 31 दिसंबर को सेक्टर-26 थाने में संदीप सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 342, 354, 354ए, 354बी, 506 के तहत पुलिस ने केस दर्ज किया था। इसके बाद मामले में एसआईटी की जांच के बाद संदीप सिंह के खिलाफ पुलिस ने आईपीसी की धारा 509 भी जोड़ दी थी। केस में एसआईटी की ओर से आठ महीने के बाद 25 अगस्त को दर्ज केस में चार्जशीट दाखिल की गई, जिस पर 16 सितंबर को सुनवाई होनी है।