चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी मामले में सोमवार को सीबीआई अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान सीबीआई और पंजाब पुलिस ने एफआईआर के रिकॉर्ड पर अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं। दोनों पक्ष की अंतिम दलीलें सुनने के बाद सीबीआई अदालत ने फैसला मंगलवार के लिए सुरक्षित रख लिया है।
सीबीआई ने मामले से संबंधित एफआईआर रिकॉर्ड देने पर कहा था कि वह रिकॉर्ड साझा नहीं कर सकते क्योंकि यह हाईकोर्ट और जांच एजेंसी के बीच का मामला है। इस पर पंजाब पुलिस ने जवाब दायर करते हुए कहा था कि सीबीआई के तर्क गलत हैं। असल में वह जानकारी साझा ही नहीं करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सीबीआई ने पहले भी रिकॉर्ड नहीं होने का बहाना बनाकर मना कर दिया था। अदालत ने दोनों पक्ष को अंतिम दलीलें पेश करने के लिए कहा था। सोमवार को दलीलें खत्म होने के बाद अदालत में फैसला सुरक्षित रख लिया।
बता दें कि एक आईएएस अधिकारी के बेटे बलवंत सिंह मुल्तानी के लापता होने के लगभग 29 साल पुराने मामले में पंजाब पुलिस के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी समेत चंडीगढ़ पुलिस के आठ पूर्व मुलाजिमों पर किडनैपिंग का केस दर्ज किया गया है। पंजाब पुलिस इस मामले में दोबारा जांच कर रही है। इसलिए पंजाब पुलिस ने याचिका दायर कर सीबीआई से पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी मामले से संबंधित एफआईआर का रिकॉर्ड मांगा था।