फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुलभूषण जाधव को मौत की सजा, सरबजीत की बहन ने जताई कड़ी आपत्ति

Tue, 11 Apr 2017 09:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
कुलभूषण की सजा पर सरबजीत की बहन का विरोध
विज्ञापन
पाकिस्तान में भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को अचानक मौत की सजा सुना दी गई। जिसके बाद अब पाकिस्तान के इस कदम का विरोध हो रहा है। कथित जासूस सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर ने कुलभूषण जाधव रिहाई के लिए भारत सरकार से ठोस कदम उठाने की बात कही है।  दलबीर कौर ने कहा है कि सरकार को जल्द कदम उठाना चाहिए ताकि सरबजीत की तरफ कुलभूषण को फांसी दे दी जाये।
विज्ञापन


दलबीर कौर ने कहा है कि कुलभूषण भारतीय नागरिक है इसलिए उसे फांसी की सजा दी गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में जल्द दखल देने की मांग की है। सरबजीत की बहन दलबीर जासूसी के आरोप में भारत और पाकिस्तान की जेलों में बंद लोगों की रिहाई के लिए, 2005 से ही काम कर रही हैं। सरबजीत को भी भारतीय जासूस बताकर पाकिस्तान ने गिरफ्तार किया था और हिरासत में ही उसकी मौत हो गई थी।

पाकिस्तान में ही कुलभूषण जाधव पर पाकिस्तान में जासूसी करने का आरोप था। कुलभूषण जाधव को पिछले वर्ष 3 मार्च को बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया गया था।
 
विज्ञापन

ये है कुलभूषण का सच

कुलभूषण जाधव को मौत की सजा
कुलभूषण जाधव के खिलाफ आतंकवाद और विध्‍वंस का आरोप लगाया गया था. प्रांतीय बलूचिस्तान सरकार द्वारा दर्ज प्राथमिकी में उन पर ये आरोप लगाए गए थे. जाधव को ईरान से पहुंचने के बाद बलूचिस्तान में कथित तौर पर गिरफ्तार किया गया था। उन पर जासूसी के आरोप लगे थे. हालांकि भारत सरकार ने इन आरोपों को काफी पहले ही खारिज कर दिया है।

भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया था कि गिरफ्तार व्यक्ति के बयान से साफ संकेत मिलता है कि यह सिखा -पढ़ा कर तैयार कराया गया वीडियो है और हमें उसकी सलामती की चिंता है। दरअसल, पाकिस्तानी सरकार के अधिकारियों ने कुलभूषण जाधव का छह मिनट का बयान जारी किया था, जिसे जियो चैनल पर चलाया गया था।

बयान में वह कहता दिख रहा है कि वह भारत की शीर्ष खुफिया एजेंसी रॉ के लिए काम कर रहा है और अब भी भारतीय नौसेना का हिस्सा है। उसकी गिरफ्तारी के बाद भारत ने स्पष्ट कर दिया था कि कुलभूषण भारतीय है, नौसेना से सेवानिवृत्त हो चुके है। रिटायरमेंट के समय से ही उसका 'सरकार से कोई संपर्क नहीं रहा है। 
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें