चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार ने सैकड़ों दिहाड़ीदार (डेली वेजिज) कर्मियों को रेगुलर करने की पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। प्रशासन के अधिकारियों ने पहले पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार किया था। इसे पर्सनल विभाग में भेजा गया है।
जल्द ही इसकी अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। पॉलिसी बनाने के लिए प्रशासन की ओर से बनाई गई कमेटी ने 24 फरवरी को ही ड्राफ्ट फाइनल कर दिया था।
प्रशासक के सलाहकार विजय कुमार देव ने इस ड्राफ्ट को अप्रूव कर दिया है। इससे नगर निगम और यूटी प्रशासन के लगभग डेढ़ हजार कर्मचारियों को लाभ होगा।
पॉलिसी को लेकर गठित की थी कमेटी
कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ गवर्नमेंट एंड एमसी इंप्लाइज एंड वर्कर्स यूटी के संयोजक राकेश कुमार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर ज्वाइंट सेक्रेटरी (होम) की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया था।
जिसकी सिफारिशों को प्रशासन ने स्वीकार कर लिया है। राकेश कुमार की अगुवाई में ही एक शिष्टमंडल ने वीरवार को सलाहकार विजय कुमार देव से मुलाकात की थी। सलाहकार ने उन्हें ड्राफ्ट मंजूर की जानकारी दी।
इससे कर्मचारियों में खुशी की लहर है। राकेश कुमार ने बताया कि उन्होंने इस पॉलिसी की अधिसूचना जल्द से जल्द जारी करने की सलाहकार से मांग की है।
कमेटी ने दिए थे पक्का करने के सुझाव
प्रशासन की ओर से गठित कमेटी ने कुछ सुझाव भी दिए हैं। कमेटी ने कहा कि जिन विभागों में खाली पद हैं, वहां वर्षों से काम कर रहे दिहाड़ीदारों को पक्का किया जाएगा और जहां अभी पद खाली नहीं हैं, वहां काम करने वाले दिहाड़ीदारों को रेगुलर के बराबर वेतन-भत्ते और व पेंशन बेनिफिट दिया जाएगा।
उधर, कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ गवर्नमेंट एंड एमसी इंप्लाइज एंड वर्कर्स यूटी के संयोजक राकेश कुमार ने बताया कि सैकड़ों कर्मचारियों की ये मांगें लंबे समय से लंबित हैं। कोऑर्डिनेशन कमेटी की तरफ से लगातार इसके लिए आवाज उठाई जाती रही है।