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Chandigarh News: धमाके के साथ फटा सिलिंडर, क्लोरीन गैस का रिसाव, 20 लोग चपेट में आए

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लालड़ू। लालड़ू स्थित चौंदहेड़ी कॉलोनी में सोमवार दोपहर एक ट्यूबवेल के कमरे में रखे क्लोरीन गैस सिलिंडर में अचानक धमाके के बाद गैस लीक हो गई। ट्यूबवेल के आसपास रहने वाले करीब 20 लोग गैस की चपेट में आ गए और दम घुटने के साथ उनमें खांसी की दिक्कत और आंखों में जलन शुरू हो गई। आनन-फानन इलाकावासियों ने सभी को सरकारी अस्पताल डेराबस्सी में भर्ती करवाया। इनमें एक गर्भवती और तीन वर्षीय बच्ची की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिन्हें जीएमसीएच-32 में रेफर किया गया है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग डेराबस्सी के कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर गैस सिलिंडर को निष्क्रिय कर स्थिति पर काबू पाया।
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कॉलोनी में रहने वाली मोनिका, हरदीप कौर और इतवारी ने बताया कि दोपहर बाद अचानक पास स्थित ट्यूबवेल से गैस लीक होने लगी, जिसके बाद अफरातफरी मच गई। देखते ही देखते आसपास रहने वाले लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी और खांसी के साथ आंखों में जलन शुरू हो गई। वह लोग कुछ समझ पाते उससे पहले बच्चे, औरतें और बुजुर्ग बेसुध होने लगे। हवा का रुख मकानों की ओर होने के चलते गैस का असर तेजी से हुआ। ऐसे में उन्होंने तुरंत आसपास के लोगों को बुलाकर थ्रीव्हीलर और अन्य वाहनों से प्रभावित लोगों को सरकारी अस्पताल लालड़ू पहुंचाया। लोगों ने कहा कि लालडू सरकारी अस्पताल में दोपहर बाद सुविधा नहीं मिलने के चलते मरीजों तुरंत सरकारी अस्पताल डेराबस्सी में रेफर कर दिया गया।
सरकारी अस्पताल डेराबस्सी में ट्यूबवेल ऑपरेटर संदीप कुमार, कमला पत्नी हिम्मती, जासीन पुत्री मुंडु, एडविन पुत्र मार्टिन, मोहित कुमार पुत्र काका राम, प्रिया पुत्री सोहराई, फूलमती, अंकित, रुबल देवी, हरप्रीत सिंह, सीमा पत्नी अशोक कुमार, हुसनप्रीत कौर को तुरंत उपचार दिया गया। इनमें से सीमा व प्रिया को जीएमसीएच-32 रेफर किया गया है।
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ट्यूबवेल ऑपरेटर संदीप ने बताया कि क्लोरीन का गैस सिलिंडर करीब सात-आठ साल से कमरे में लावारिस हाल पड़ा था। सोमवार को धूप में पड़े-पड़े करीब तीन बजे अचानक सिलिंडर में धमाका हो गया। चारों तरफ कुछ देर के लिए सफेद धुआं फैल गया।


घास हुई पीली, मवेशियों की आंखों से निकली झाग
ग्रामीणों ने बताया कि गैस के कारण आसपास के सभी पेड़-पौधे मुरझा गए और घास भी पीली हो गई। गैस की चपेट में पास बंधे मवेशी भी आ गए। उनकी आंख और नाक से पीली झाग निकलने लगी। लोगों ने उन्हें वहां से खोलकर तुरंत बाएं-दाएं किया। उन पर कई घंटों तक गैस का असर दिखाई दिया। गैस की वजह से चारों तरफ पीला-पीला नजर आने लगा।


दमकल विभाग ने खुले में ही छोड़ दिया सिलिंडर
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिस क्लोरीन सिलिंडर से गैस लीक हुई थी, दमकल विभाग ने उसे खुले में ही छोड़ दिया है जबकि सिलिंडर का काफी हिस्सा खुला है। इससे दोबारा गैस का रिसाव होने का डर सता रहा है। लोगों ने कहा कि जंग खाया हुआ सिलिंडर पिछले कई वर्षों से यहां पड़ा है। समय रहते इसे यहां से क्यों नहीं हटाया गया।

कोट्स
ट्यूबवेल वाले कमरे में काफी सालों से क्लोरीन गैस का सिलिंडर मौजूद था, जो लीक हो गया। ट्यूबवेल ऑपरेटर ने घुटन महसूस होने पर सिलिंडर को बाहर खुले में एक गड्ढे में रख दिया था, जिसमें बाद में लीकेज हो गई।
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- गुरबख्शीश सिंह, ईओ, लालड़ू
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