चंडीगढ़। साइबर थाना पुलिस ने दिल्ली और गुरुग्राम में रेड कर जामतारा गैंग के चार शातिर ठग गिरफ्तार किए हैं। आरोपियों में से तीन झारखंड के दुमका जिले के निवासी हैं वहीं चौथा कटिहार जिले रहने वाला है। ये लोगों से आईसीआईसीआई बैंक के मैनेजर बनकर फोन करते थे। पुलिस ने आरोपियों से 10 ग्राम सोने का एक सिक्का, सोने के सिक्कों की 22 खाली पैकिंग, पांच मोबाइल, लैपटाप और छह सिम कार्ड बरामद किए हैं। पहली शिकायत में देवदथा नाम के व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उसे दो अनजान नंबरों से व्हाट्सएप काल आई। फोन करने वाले ने अपना नाम राहुल बताया और कहा कि वह आईसीआईसीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड विभाग में मैनेजर है। उसने देवदथा को बैंक का एप अपडेट करने के लिए कहा। इसके लिए उन्होंने उसे एक एप भेजा। देवदथा ने वह एप इंस्टाल कर लिया। एप इंस्टाल करने के बाद उसके पास तीन ओटीपी आए और फिर पैसे कटने के तीन मैसेज आए। तीन बार में उसके खाते से 209128 रुपये निकाल लिए गए। पैसे कटने के मैसेज आने के बाद उसे समझा आया कि उसके साथ ठगी हुई है। उसने घटना की शिकायत पुलिस को दी। साइबर थाना पुलिस के प्रभारी रणजीत सिंह ने मामले की जांच करते हुए दिल्ली और गुरुग्राम में रेड कर इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान झारखंड के दुमका जिला निवासी अक्षय कुमार, विकास कुमार और राजेश मंडल व कटिहार जिला निवासी बिपिन कुमार के रूप में हुई है।
ठगी के रुपयों से खरीदते थे सोना
एसपी साइबर क्राइम केतन बंसल ने बताया कि आरोपियों ठगी के रुपयों को फर्जी बैंक खातों में डालते थे। इसके लिए वे झारखंड के ही आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 5 से 7 हजार रुपये दे देते थे। उसके बाद वे उन खातों का प्रयोग ठगी के रुपयों के लिए करते थे। इन खातों से ऑनलाइन वेबसाइटों से सोना खरीद लेते थे। सोना हर बार किसी अलग पते पर होटल के बाहर मंगवाते थे ताकि पुलिस उनको पकड़ न सके।
रुपयों के बारे पूछा तो कहा- बीमारी पर खर्च कर दिए
साइबर थाना पुलिस आरोपियों से ठगी गई नगदी बरामद नहीं कर पाई है। पुलिस ने जब उनसे नगदी के बारे में पूछा तो आरोपियों में से एक राजेश मंडल ने कहा कि उसे चर्म रोग है। उसका इलाज कराने में उसने सारे रुपये खर्च कर दिए।