मंडी प्रधान ने बताया कि इस समय मंडी में आलू का भाव 20 से 22 रुपये के बीच है लेकिन वेंडर आलू को 25 से 30 रुपये तक बेच सकता है। पांच से दस रुपये प्रति किलो के इजाफे में से वेंडर अपने सहयोगी का वेतन और वाहन का खर्च निकाल सकेगा। उन्होंने बताया कि प्याज का भाव मंडी में 25 से 30 रुपये के बीच है और वेंडर इसे 35 से 40 रुपये में, बैंगन 40 से 45 रुपये में, खीरा 50 से 55 रुपये, टमाटर 25 से 30 रुपये, नींबू 70 से 80 रुपये, मूली 20 से 25 रुपये और गोभी 20 से 25 रुपये में बेची सकते हैं।
सब्जी के इस भाव में किसी दिन सब्जी मंडी में कम आने से भाव में दो से पांच फीसदी का इजाफा संभव हो सकता है, लेकिन दिए गए संभावित भाव से यदि कोई ज्यादा पैसे लेता है तो उस वेंडर की शिकायत उक्त नंबर पर दी जा सकती है। मंडी प्रधान अनुसार यदि संभव हो सके तो मौके पर वाहन का नंबर और संबंधित वेंडर का फोटो भी उक्त नंबर पर वाट्सएप किया जा सकता है।
इस संबंध में निगम के ज्वाइंट कमिश्नर लाल विश्वास ने कहा कि फिलहाल वेंडरों खिलाफ शिकायत भेजने के लिए कोई हेल्पलाइन नंबर जारी नहीं किया गया है। कोई भी शहरवासी वेंडर की कालाबाजी की शिकायत निगम की ई-मेल पर भेज सकता है। हरेक शिकायत पर निगम गंभीरता से काम करेगा।
सफाई के लिए सड़कों पर उतारे 925 मुलाजिम
कोविड-19 के खतरे से लोगों को बचाने के लिए निगम ने शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। निगम ने शुक्रवार को अति आवश्यक काम के तहत अपनी 300 महिला सफाई सैनियों को काम पर वापस बुला लिया है। निगम ने अपने 925 सफाई सैनिकों को काम में लगा दिया है।
कोरोना वायरस के संभावित खतरे को देखते हुए निगम कमिश्नर ने अपने महिला सफाई सेवकों को सफाई के काम से दूर रखते हुए उनके घरों पर ही रखने का फैसला लिया था। सफाई के लिए निगम ने अपने 925 सफाई सैनिकों में से करीब 400 युवा सफाई सैनिकों को शहर की सफाई में लगाया था। सफाई व्यवस्था दुरुस्त न रह पाने के कारण निगम कमिश्नर पूनमदीप कौर ने महिला सफाई सैनिकों सहित कुल 925 सफाई सैनिकों को सफाई के लिए सड़कों पर उतार दिया है।
रोजाना सुबह 7 बजे से 11 बजे तक और सांय 2 बजे से पांच बजे तक शहर के हरेक हिस्से की सफाई का काम किया जाएगा। लोगों से अपील में निगम कमिश्नर ने कहा है कि लोग अपने घरों का कचरा घरों से बाहर सड़कों पर या खुले प्लाटों में फेंकने से गुरेज करें। निगम कमिश्नर पूनमदीप कौर का कहना है कि इस समय निगम के पास 502 पक्के और 423 कांट्रैक्ट सफाई कर्मचारियों की टीम है।
शहर के 60 वार्डों में सफाई का काम उनके सात सैनेटरी इंस्पेक्टरों की देख-रेख में होगा। हरेक सेनेटरी इंस्पेक्टर अपने अधीन आने वाले वार्डों की सफाई का जिम्मेदार होगा। जिस वार्ड में सफाई को लेकर कोई कमी है उसके बारे में संबंधित सैनेटरी इंस्पेक्टर के मोबाइल नंबर पर शिकायत दी जा सकती है। शहर की सफाई व्यवस्था में तैनात सभी सेनेटरी इंस्पेक्टर को सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि कोई भी सफाई सैनिक बिना दस्ताने, मास्क और सैनिटाइजर का प्रयोग किए बिना सफाई के काम में दिखाई न दे। निगम की ओर से सफाई सफाई सैनिकों को दस्तानें, मास्क और अन्य जरूरी सुरक्षा सामग्री को मुहैया कराया जा रहा है।