8 नवंबर से शुरू हुई नोटबंदी के बाद बैंकों में जुटी भीड़ कुछ कम होने लगी थी लेकिन महीना शुरू होते ही वेतन व पेंशन लेने वालों की संख्या अधिक होने के कारण वीरवार को बैंकों में एक बार फिर भारी भीड़ जमा हो गई।
कैश की किल्लत के कारण शहर के अधिकतर एटीएम बंद पड़े है जबकि सैकड़ों लोग बंद एटीएम के बाहर ही बैठे हुए हैं। इस बारे में लोगों से बातचीत में पता चला है कि वे मोदी की योजना से खुश जरूर हैं लेकिन अब पानी सिर के ऊपर से गुजरने लगा है।
क्योंकि मात्र 2000 रुपए लेने के लिए उन्हें सारा दिन लाईनों में लगना पड़ता है। वहीं बैंकों में कैश न होने के कारण बैंक अधिकारी कोई न्याय नहीं दे रहे हैं। वीरवार को वेतन निकालने वालों की संख्या अधिक थी।
लोगों ने मांग की है कि हर खाताधारक को बैंकों से निकालने वाली रकम की सीमा 2000 से बढ़ाकर कम से कम 10 हजार की जाए ताकि एक बार लाईन में लगने के बाद कई दिनों तक उसे बैंक में न आना पड़े।