शहर की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती कॉलोनी नंबर-4 और बापूधाम जैसे घने इलाकों में कोरोना संक्रमित मरीज मिल चुके हैं, बावजूद इसके लोग महामारी को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। धनास, मलोया, मनीमाजरा, विकास नगर, हल्लोमाजरा और रामदरबार में शाम को लगने वाली मार्केट में भारी भीड़ जुट रही है। हजारों लोग यहां खरीदारी के लिए बिना मास्क पहने निकल रहे हैं लेकिन प्रशासन आदेश जारी कर कुंभकर्णी नींद सो गया है।
न चालान कट रहे हैं, न ही कोई रोकने वाला है। यही चलता रहा तो कोरोना का संक्रमण बेकाबू हो सकता है। अमर उजाला संवाददाता ने बुधवार को शहर की विभिन्न कालोनियों में लगने वाली शाम की मार्केट का दौरा किया तो पाया कि यहां बेहद कम जगह में बहुत सारे लोग एक समय पर एकत्रित हो रहे हैं। सेक्टरों की इंटरनल मार्केट में तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो रहा है लेकिन कालोनियों की मार्केट में इसका कोई पालन नहीं हो रहा। यहां न तो सभी लोग मास्क पहन रहे हैं और न ही सोशल डिस्टेंस का पालन कर रहे हैं।
दो गज की दूरी की बात तो यहां बेमानी है। धनास की पुनर्वास कालोनी, जहां पर 8 हजार से ज्यादा मकान हैं और करीब 40 हजार लोग रहते हैं, यहां की मुख्य मार्केट में रोजाना एक हजार से ज्यादा लोग जुटते हैं। रोजाना शाम को यहां पर मुख्य सड़क किनारे एक मार्केट लगती है। दो गज की दूरी का ध्यान दुकानदार ही नहीं रखते हैं, तो खरीददार कैसे रख सकते हैं। पास में पुलिस बीट बॉक्स भी है लेकिन पुलिसकर्मी भी नियमों की धज्जियां उड़ते हुए सिर्फ देखते रहते हैं।
हल्लोमाजरा, रामदरबार की मार्केट में भी भीड़ बेपरवाह
धनास की मार्केट के जैसा ही हाल हल्लोमाजरा, रामदरबार आदि की मार्केटों का भी है। हल्लोमाजरा में शाम होते ही मुख्य मार्केट में काफी लोग खरीददारी करने के लिए निकल पड़ते हैं। अमर उजाला संवाददाता ने पाया कि खरीदरारी कर रहे कुछ ही लोगों ने मास्क पहना हुआ था, जबकि बाकी बिना मास्क के बेखौफ घूम रहे हैं। इलाके में न तो पुलिस दिखाई दी नही किसी तरह की कोई सख्ती, सबकुछ सामान्य था। ऐसा लग रहा था मानों कुछ हुआ ही नहीं। लोग समझ नहीं रहे हैं। ये हाल तो तब है, जब शहर में कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार फैलता जा रहा है।
आदेश जारी कर भूल जाता है प्रशासन
प्रशासन आदेश जारी कर भूल जाता है। प्रशासन ने सार्वजनिक स्थलों पर मास्क लगाना अनिवार्य किया है। आदेश के तहत अगर कोई बिना मास्क लगाए सार्वजनिक स्थान पर पाया जाता है तो उस पर 500 रुपये जुर्माना लगाने का प्रावधान है। अगर कोई व्यक्ति दूसरी बार फिर बिना मास्क लगाए सार्वजनिक स्थान पर पाया जाता है या फिर जुर्माना जमा नहीं करता है तो उस पर आईपीसी सेक्शन-188 के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। इन आदेशों के बावजूद लोग आसानी से पूरे दिन बिना मास्क के देखे जा सकते हैं। कालोनियों और गांव ने स्थिति और भी खराब है। लोगों को कोई रोकने वाला नहीं है, जिसकी वजह से सरेआम नियमों की धज्जियां उड़ाईं जा रहीं हैं।
अब तक 260 लोगों पर दर्ज हुआ मामला
चंडीगढ़ पुलिस के अधिकारियों के अनुसार अब तक आईपीसी सेक्शन-188 के तहत करीब 260 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसके तहत 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसमें लोगों द्वारा मास्क न पहनना, सार्वजनिक स्थल पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करना शामिल है।
चंडीगढ़ में 90 प्रतिशत लोग मास्क पहन रहे हैं। चंडीगढ़ प्रशासन लोगों को विभिन्न माध्यमों से मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए मोटिवेट कर रहा है। लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। मास्क पहनानेे के लिए पुलिस और कोर्ट का सहारा लेना किसी भी लोकतांत्रिक शासन में आखिरी रास्ता होता है।
- मनोज परिदा, एडवाइजर