हरियाणा के 48 हजार किसानों के बैंक खाता नंबर गलत निकले हैं। इससे इन्हें फसल खरीद की अदायगी नहीं हो पा रही। गलत खाता संख्या के कारण चेक कैश नहीं हो रहे। गठबंधन सरकार ने किसानों से खरीदी गई फसल की अदायगी दिवाली से पहले करने का वादा किया था। शुक्रवार को कितने किसानों के खाते में राशि गई, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने इसकी समीक्षा की।
इसमें विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल पर 48 हजार किसानों के खाता नंबर गलत मिले हैं, जिससे अदायगी नहीं हो पाई। ऐसे किसानों को एसएमएस या फोन कॉल कर बैंक खाते से जुड़ी जानकारी फिर से ठीक तरह से भरवाई जाएगी। पीके दास ने बताया कि साढ़े 7 से 8 लाख पंजीकृत किसान हैं। इनमें से 4 लाख की पेमेंट आढ़तियों के माध्यम से, जबकि साढ़े तीन लाख की सीधी खातों में हुई है।
साढ़े तीन लाख किसानों में से 48 हजार की खाते से जुड़ी जानकारी गलत मिली। धान खरीद की पॉलिसी में आढ़तियों को कहा गया है कि उनके खातों में पेमेंट आने के तीन दिनों में किसानों को अदायगी करनी होगी। तीन दिन से देरी करने वाले आढ़तियों से ब्याज वसूलकर किसानों को दिया जाएगा।
लगभग आठ लाख टन खरीद कम होने का अनुमान
अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने बताया कि हरियाणा में अभी तक 54 लाख मीट्रिक टन धान सरकार खरीद चुकी है। इस बार 55 से 56 लाख मीट्रिक टन धान खरीद हो सकती है। पूर्व की तुलना में इस बार लगभग आठ लाख टन कम धान खरीद होने का अनुमान है। क्योंकि व्यापारियों से खरीद नहीं की जा रही है।
प्रदेश में अभी तक साढ़े 4 लाख टन बाजरे की खरीद हुई है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल पर जरूरी जानकारी भरते समय पूरी सावधानी बरतें। जानकारी भरने के बाद उसे जांचें जरूर कि कुछ गलत तो नहीं भरा गया। पूरा डाटा सही होने पर ही जानकारी को पंजीकृत करें।