चंडीगढ़। पीजीआई में डॉक्टर और शिक्षकों के खाली पदों पर हाईकोर्ट के स्वतः संज्ञान लेने पर प्रशासन ने नियुक्तियों के लिए विज्ञापन तो जारी कर दिया है, लेकिन साक्षात्कार की तिथि की घोषणा अब तक लंबित है। इससे डॉक्टरों की 124 पदों पर नियुक्तियां पर संकट मंडरा रहा है।
इसे लेकर संस्थान में तरह-तरह की चर्चाएं की जा रही है। कहा जा रहा है कि कोर्ट के जवाब तलब करने पर पीजीआई प्रशासन ने विज्ञापन जारी कर फिलहाल पल्ला झाड़ लिया है। वहीं, आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों में इस बात का डर सता रहा है कि इसमें लेटलतीफी की गई तो लोकसभा चुनाव में आचार संहिता लागू होने पर उनकी नियुक्ति फिर से ठंडे बस्ते में चली जाएगी। पीजीआई प्रशासन का कहना है कि आवेदन आमंत्रित करने के बाद स्क्रुटनी की प्रक्रिया पूरी कर तिथि की घोषणा की जाएगी। वही तिथि तय करने में एसएफसी के अध्यक्ष का निर्णय महत्वपूर्ण है। इसलिए उसके पहले संस्थान अपने स्तर पर कोई भी निर्देश जारी नहीं कर सकता है।
बता दें कि पीजीआई में सहायक प्रोफेसर के 124 पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी कर दिया गया है। पीजीआई प्रशासन के अनुसार विभिन्न विशिष्टताओं में नियमित आधार पर सहायक प्रोफेसर के पदों के लिए आवदेन आमंत्रित किए गए हैं। इसके लिए ऑनलाइन शुल्क जमा कराने के लिए चालान जनरेशन शुरू कर दिया गया है। इसके लिए अंतिम तिथि 24 जनवरी तय की गई है। वहीं, बैंक में आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 24 जनवरी है। आवेदनकर्ता आवेदन की हार्ड प्रति पीजीआई के भर्ती सेल से 5 फरवरी शाम 4 बजे तक प्राप्त कर सकता है। पीजीआई प्रशासन के अनुसार नियुक्ति से जुड़ी विभिन्न बिन्दुओं पर अधिक जानकारी संस्थान की वेबसाइट www.pgimer.edu.in के होम पेज रिक्रूटमेंट लिंग पर लॉगइन कर प्राप्त किया जा सकता है।