बच्चों से कुकर्म के मामले में बुड़ैल जेल में बंद थिएटर एज का संस्थापक डायरेक्टर जुल्फिकार वहीं से गवाहों, पीड़ितों को रिश्तेदारों और परिचितों के जरिए धमका रहा है। 16 मई को केस की सुनवाई के दौरान एक गवाह का अपहरण कर धमकाने का मामला सामने आया था, बुधवार को उसी का बड़ा भाई पुलिस को दिए बयानों से अदालत में मुकर गया। केस में पांच में से दो गवाह अब तक मामले में मुकर चुके हैं। कोर्ट ने बुधवार को मुकरने वाले गवाह को भी होस्टाइल घोषित कर दिया है। केस की अगली सुनवाई 1 जून को होगी।
बुधवार को केस की सुनवाई के दौरान पीड़ितों में से एक गवाह ने कोर्ट को बताया कि, वह 6-7 साल का था जब वह जुल्फिकार के पास आया था। लेकिन जुल्फिकार ने कभी उसके साथ कुछ गलत काम नहीं किया। उसने इस संबंध में पुलिस को भी थाने में कोई बयान नहीं दिया था। हालांकि मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयान की कॉपी पर उसने हस्ताक्षर खुद के बताए, लेकिन साथ ही कहा कि उसे इंग्लिश नहीं आती है। उसे नहीं पता कि इन बयानों में क्या लिखा गया है।
वहीं, इससे पहले सुनवाई के दौरान गवाह ने बयान दिया था कि जुल्फिकार उन्हें प्ले या घूमाने के लिए कई बार टूर पर लेकर जाता था। वहां भी वह बच्चों पर सेक्स के लिए दबाव डालता था। वहीं एक गवाह कोर्ट में बयान दे चुका है कि जुल्फिकार उनके साथ ग्रुप सेक्स भी करता था।
बता दें कि जुल्फिकार को पिछले साल जुलाई में चाइल्ड राइट कमीशन की शिकायत पर सेक्टर-11 थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। कमीशन में थियेटर एज ग्रुप के कुछ बच्चों ने उनके साथ वर्ष 2002 से यौन शोषण करने की बात कही। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 377 और पॉस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।