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शहर की सड़कों पर खुले में लटक रही मौत

Tue, 03 Jun 2014 12:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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मध्य मार्ग स्थित सिटको पेट्रोल पंप में लगे पोल की नंगी तार से विपिन नामक युवक को करेंट लग गया था। करीब आठ से दस मिनट तक विपिन खंभे में चिपका रहा। साथियों ने लकड़ी के डंडे से उसे हटाया। इस दौरान वह बेहोश हो गया। उसी वक्त पेट्रोल पंप पर ही पीजीआई के दो डाक्टर कार में पेट्रोल भरवा रहे थे।
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हादसे की जानकारी सुनकर वे स्पॉट पर पहुंचे और विपिन को अपनी कार में इमरजेंसी लेकर आए। इससे पहले उन्होंने रास्ते में फोन कर इमरजेंसी में सभी तैयारी करने को कह दिया था। रास्ते भर डाक्टर विपिन के हार्ट को दबाकर उसे कृत्रिम सांस देते रहे।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि उस दौरान उसे कृत्रिम सांस नहीं दी जाती तो उसका पीजीआई तक पहुंच पाना मुश्किल हो जाता। पीजीआई पहुंचते ही विपिन को तुरंत अटैंड कर लिया गया और उसका इलाज शुरू कर दिया गया।
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हालत गंभीर बनी हुई है

करेंट से झुलसे विपिन की हालत और गंभीर बनी है। हार्ट बीट कमजोर पड़ती जा रही है। अंग स्थिल हो रहे हैं। हालत बिगड़ने पर सोमवार देर शाम उसे आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया है।

लगातार हालत पर नजर रख रहे पीजीआई के डाक्टरों का कहना है कि युवक की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। एहतियात के तौर पर उसे आईसीयू में शिफ्ट करना जरूरी था।

कोई अधिकारी नहीं पहुंचा हाल पूछने

मध्यमार्ग पर इलेक्ट्रिक पोल के करेंट से युवक के झुलसने के बाद भी नगर निगम के अधिकारियों की आंखें नहीं खुलीं। अफसर ने न तो मामले की जांच की जहमत उठाई और न ही इंसानियत दिखाई।

पीजीआई में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे विपिन का हाल जानने भी कोई अफसर सोमवार को पीजीआई नहीं पहुंचा। इससे सिटको के कर्मचारियों व उसके साथी पेट्रोल पंप के कर्मचारियों में काफी रोष है।

उनका कहना है कि एक तो नगर निगम की लापरवाही से युवक की जिंदगी बरबाद हो गई है। उसे मदद की सख्त जरूरत है।

बड़ी बहन की शादी 25 सितंबर को

विपिन अपने घर का इकलौता बेटा है। उसकी तीन बहने हैं। बड़ी बहन की शादी 25 सितंबर को होनी है। घर पर शादी की तैयारियां हो रही थीं।

विपिन भी शादी के इंतजामों में अपना हाथ बटा रहा था, लेकिन अचानक इस हादसे से घर में मातम का माहौल पैदा हो गया है। घर में जो पैसा जमा हुआ था, उसका काफी हिस्सा इलाज में खर्च हो रहा है।

विपिन के पिता सुभाष पंजाब पुलिस में होमगार्ड हैं। उनका कहना है कि बस बेटे की जान बच जाए। भगवान से यही प्रार्थना है।

पेट्रोल पंप के साथी जुटा रहे पैसा

अपने साथी की मुसीबत देख पेट्रोल पंप के सभी साथी एकजुट होकर विपिन के ठीक होने की दुआ कर रहे हैं। पैसे की तंगी देखकर सभी साथियों ने अपनी इनकम का कुछ हिस्सा इकट्ठा कर विपिन के पिता को दिया।

सिटको हेड आफिस के सभी कर्मचारियों ने अपनी सैलरी का कुछ हिस्सा विपिन के इलाज के लिए दिया है। साथियों ने बताया कि अब तक वे कुल 25 हजार रुपये इकट्टा कर चुके हैं। सारा रुपया उन्होंने सुभाष को दे दिया है, ताकि इलाज में कोई भी कमी नहीं आई।

सोमवार सुबह सिटको की सीजेएम अमनदीप कौर भी विपिन को देखने पहुंची। उन्होंने सुभाष व विपिन के साथियों को भरोसा दिलाया है कि वे इलाज में रुपये की कमी नहीं आने दी जाएगी। यदि कोई कमी आएगी तो वे खुद उसकी मदद करेंगी।

सड़क पर कई खंभों पर खुले में लटकी है मौत

सेक्टर-9 मध्यमार्ग पर बिजली के खंभे पर विपिन को करेंट लगने के मामले में पुलिस ने अहम सबूत जुटाए हैं। पुलिस ने हादसे के बाद खुले तारों की फोटो खींची है।

इसके अलावा पीजीआई के डॉक्टरों से भी विपिन की मेडिकल रिपोर्ट मांगी है। विपिन की पीजीआई में हालत गंभीर होने के कारण वह बयान नहीं दर्ज कर सका है। होश में आने के बाद ही पुलिस विपिन की शिकायत पर कार्रवाई करेगी।
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पुलिस का जवाब-घायल स्टेटमेंट देगा तब कार्रवाई करेंगे

बिजली के खंभे से करेंट लगने से घायल युवक विपिन ने अभी कोई स्टेटमेंट नहीं दी है। घायल की स्टेटमेंट मिलने के बाद ही पुलिस कार्रवाई करेगी।   
-हरजीत कौर, एसएचओ सेक्टर-3

यह बड़ा ही गंभीर मामला है। शहर में जो जंक्शन बॉक्स खुले पड़े हैं, इसमें किसकी लापरवाही है। इसकी जांच की जाएगी। इस मामले में जिसकी लापरवाही होगी उस पर कड़ी कार्रवाई होगी।
हरफूलचंद्र कल्याण, मेयर

ये तो बहुत ही गलत हुआ है। इस मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। यह किसी की जान का सवाल है।
हीरा नेगी, सीनियर डिप्टी मेयर

जिस भी अफसर की लापरवाही से ऐसा हादसा हुआ है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। शहर में जगह-जगह जंक्शन बॉक्स खुले पड़े हैं। मैंने अपने वार्ड में सेक्टर-31 में प्रयोग के रूप में एक काम शुरू करवाया है, जहां खंभों में जंक्शन बॉक्स जमीन से 8 फुट ऊंचे लगाए हैं। ये काम शुरू हो चुका है। ये प्रयोग अगर सफल रहा तो ऐसे हादसे कम होंगे और साथ ही जंक्शन बॉक्स के कवर की चोरियां भी कम होंगी।
देवेश मौदगिल, डिप्टी मेयर

अफसरों का जवाब-चोर जिम्मेदार
जंक्शन बॉक्स के कवर्स की चोरी रुक नहीं पा रही। चोरी हो चुके बॉक्स पर दोबारा कवर लगवाते हैं, लेकिन वे भी कुछ दिन बाद चोरी हो जाते हैं। चोर कवर चुराने के बाद तारें भी उखाड़ देते हैं। हमने तो एफआईआर भी दर्ज करवाई है। अब जो जंक्शन बॉक्स खुले पड़े हैं, उन्हें बंद करने के लिए हम कोई वैकल्पिक व्यवस्था करेंगे।
-एसपी सिंह, एक्सईएन(इलेक्ट्रिकल), नगर निगम
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