मध्य मार्ग के इलेक्ट्रिक पोल के करेंट से झुलसे विपिन के मामले में डीएसपी सेंट्रल आशीष कपूर ने सेक्टर-3 थाना प्रभारी हरजीत कौर से केस की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।
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इसके अलावा डीएसपी ने पीड़ित के परिवार का बयान लेकर मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं। सेक्टर-3 थाना पुलिस ने मामले में नगर निगम की लापरवाही की डीडीआर दर्ज कर ली है।
पुलिस की जांच में नगर निगम की लापरवाही सामने आ रही है। नगर निगम द्वारा लगाए गए बिजली के पोल के तार खुले पड़े थे। अगर नगर निगम खुले तारों को समय पर ठीक कर देता तो विपिन हादसे का शिकार होने से बच सकता था।
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जब बेटे की हालत में सुधारेगी, तब देंगे शिकायत
घायल विपिन के बयान दर्ज करने के लिए जांच अधिकारी मंगलवार को पीजीआई गए। विपिन की हालत बयान देने के लायक नहीं थी। पुलिस ने उनके पिता सुभाष से शिकायत लेनी चाही लेकिन उन्होंने बेटे के ठीक होने तक शिकायत देने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि बेटे की हालत में सुधार के बाद ही पुलिस को शिकायत देंगे।
जिस नगर निगम की लापरवाही की वजह से विपिन की हालत हुई है, उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए सुभाष पूरी तरह से तैयार हैं। सुभाष का कहना है कि जब तक उनके बेटे की हालत में कुछ सुधार नहीं आता, तब तक वे पीजीआई छोड़कर नहीं जा सकते। उनके अलावा घर में कोई सदस्य नहीं है, जो उनकी जगह पीजीआई में रुक पाए। उन्होंने बताया कि उनके बेटे को ठीक-ठाक होश आने के बाद वे खुद पुलिस स्टेशन जाएंगे और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए गुहार लगाएंगे।
घायल के परिजनों के बयान लेकर मामला दर्ज करने के आदेश दे दिए हैं। मामले में डीडीआर दर्ज कर ली गई है। बयान होने के बाद जल्द ही एफआईआर दर्ज की जाएगी। - आशीष कपूर, डीएसपी, सेंट्रल
ऐसे हुआ था हादसा सेक्टर-9 में मध्य मार्ग पर फेंसिंग पार करते हुए पोल के नंगे तार से विपिन को रविवार को करेंट लगा था। करीब आठ मिनट तक विपिन खंभे में चिपका रहा। साथियों ने लकड़ी के डंडे से उसे हटाया। इस दौरान वह बेहोश हो गया था और उसे पीजीआई की इमरजेंसी में दाखिल कराया गया था।
विपिन की हालत में मामूली सुधार
मध्य मार्ग के पोल पर करेंट से गंभीर घायल विपिन की हालत में मंगलवार को मामूली सुधार आया है। विपिन के पिता सुभाष ने बताया कि उनके बेटे के शरीर में थोड़ी हलचल देखने को मिली। उसने कुछ देर के लिए पहचानने की भी कोशिश की, लेकिन कुछ बोल नहीं पाया। पीजीआई के डाक्टरों के मुताबिक विपिन की हालत स्थिर बनी हुई है। हार्ट बीट काफी कमजोर है।
ब्लड सर्कुलेशन भी काफी धीमा है। डाक्टरों के मुताबिक अभी कुछ भी कह पाना जल्दबाजी होगा। विपिन की स्थिति में सुधार के लिए सभी जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल वह आईसीयू में ही रहेगा।
डाक्टरों ने यह भी बताया है कि यदि सब कुछ ठीक रहा तो वह सौ प्रतिशत भी ठीक हो सकता है। डाक्टरों की टीम बराबर उसके स्वास्थ्य पर नजर रख रही है। रविवार रात सेक्टर 9 स्थित सिटको के पेट्रोल पंप पर काम करने वाला विपिन सड़क क्रास करते वक्त मध्य मार्ग के खंभे में आए करेंट से चिपक गया था।
करीब आठ से दस मिनट तक वह खंभे से चिपका रहा था। साथियों ने उसे लकड़ी के डंडे से हटाया और उसे इलाज के लिए पीजीआई पहुंचाया गया।
इलाज का खर्च सिटको के कर्मचारी उठा रहे
विपिन के इलाज में काफी महंगी दवाएं लग रही हैं। सभी दवाओं व इलाज का खरचा विपिन के साथी व सिटको के कर्मचारी उठा रहे हैं। अब तक 25 हजार से ज्यादा रुपया इकट्ठा किया जा चुका है। जिसे भी कर्मचारी को विपिन के बारे में पता चल रहा है कि वे सीधे पीजीआई पहुंच रहे हैं और इलाज के लिए कुछ रुपया दे रहे हैं।
इसके अलावा पेट्रोल पंप के एक से दो कर्मचारी दिन व रात में पीजीआई में रुककर सुभाष का हौसला बढ़ा रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक विपिन की हालत में कुछ सुधार नहीं आता है, तब तक वे पीजीआई में रुकते रहेंगे।
निगम के अधिकारी चोरों को ठहरा रहे जिम्मेदार
करेंट से झुलसे विपिन के मामले में मेयर हरफूलचंद्र कल्याण का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने निगम के अधिकारियों से बात की। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि चोरों ने स्ट्रीट लाइट के जंक्शन के ढक्कनों की चोरी कर ली है। हरेक पोल पर निगरानी नहीं की जा सकती। मेयर ने कहा कि जब मैंने यह पूछा कि क्या सामान की चोरी की घटना की पुलिस में कोई शिकायत दर्ज कराई है, तो वे चुप हो जाते हैं।
जिम्मेदारी तय हो... निगम हर मामले में पल्ला झाड़ती है। अधिकारियों पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। चोरी की घटना झूठी है। यदि चोरी हुई तो अधिकारी बताएं कि उन्होंने कब और किस पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया है। - मलकीत सिंह, अकाली पार्षद
खुले तारों के बार-बार फोटो खींचकर अधिकारियों को दी। इसके बावजूद कोई सुनता नहीं । इतना बड़ा हादसा हो गया है। अभी भी इससे अधिकारी सबक लेंगे, इसमें संदेह है। इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। - गुरबख्श रावत, कांग्रेस पार्षद
विपिन का मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में पहुंच गया है। आरटीआई एक्टिविस्ट और एडवोकेट पंकज चांदगोठिया ने इस मामले की शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में दी है।
उन्होंने विपिन को मुआवजा देने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यह हादसा नगर निगम की लापरवाही की वजह से हुआ है। यदि अधिकारी सतर्क होते तो शायद विपिन की हालत ऐसी नहीं होती।