वर्ल्ड क्लास सिटी के लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं। लोगों के खून-पसीने की कमाई कभी मुंबई तो कभी नोएडा में निकाली जा रही हैं। ठगों के शिकार लोग कभी पुलिस स्टेशन तो कभी साइबर क्राइम थाने के चक्कर काटते हैं, लेकिन उनकी कहीं सुनवाई नहीं होती। सबसे ज्यादा यह फ्रॉड एटीएम और क्रेडिट कार्ड का नंबर पूछने के बहाने होते हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो शहर में हर हफ्ते इस तरह के दो से तीन मामले सामने आ रहे हैं। इसके बाद भी लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं। माहिरों की मानें तो इससे बचा जा सकता है।
केस नंबर-1
सेक्टर-69 निवासी सुरजीत सिंह का कहना है कि कुछ दिन पहले उनके फोन पर मैसेज आया कि आपके खाते से 24000 रुपये निकाले गए हैं। इसके बाद वह बैंक गए। उन्होंने बताया जब तक उनका खाता सील होता, तब तक पांच हजार और निकाल लिए गए। इसके बाद उन्होंने मटोर थाने में जाकर शिकायत दी। साथ ही वह नंबर भी दिया, लेकिन अब तक उनके पैसे का कोई पता नहीं है और न ही आरोपी पकड़ में आया है। उनके खाते से 500 और 1000 के पुराने नोट बंद होने के बाद पैसे निकाले गए हैं।
केस नंबर - 2
दूसरा मामला गांव झंजेड़ी निवासी रुस्तम अलि का है। रुस्तम ने आरोप लगाया कि एक नेशनल बैंक के मुलाजिमों की मिलीभगत से उनके खाते से 11 माह पहले पैसे निकाल लिए गए थे। इस संबंध में उन्होंने बलौंगी थाने में शिकायत दी थी। उनका कहना है कि मामले में केस तो दर्ज हो गया था, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। न तो उन्हें पैसे वापस मिले और न ही आरोपी पकड़े गए हैं। वह थाने के चक्कर लगाकर हार गए हैं।