पठानकोट में मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाती सेना और पुलिस।
मामून सैन्य छावनी में सेना के एक हवलदार की पत्नी ने अपने 9 साल के दिव्यांग बेटे की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद हवलदार की पत्नी ने खुद भी फंदा लगाकर जान दे दी। घटना सोमवार देर रात की है।
पुलिस के अनुसार बेटे के दिव्यांग होने के कारण हवलदार की पत्नी परेशान रहती थी। उसी कारण उसने घटना को अंजाम दिया। घटना के समय हवलदार क्वार्टर में नहीं था। वह किसी साथी जवान की सेवानिवृत्ति की पार्टी में गया हुआ था। वहीं उसका डेढ़ साल का छोटा बेटा पड़ोसियों के घर खेल रहा था। जांच के बाद थाना मामून की पुलिस ने हवलदार विनोद कुमार के बयान पर धारा 174 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
मृतकों की पहचान रागी (32) पत्नी विनोद कुमार और विशाख (9) पुत्र विनोद कुमार के रूप में हुई है। विनोद कुमार सेना में हवलदार है। उनकी ड्यूटी मामून कैंट की 412 इंजीनियरिंग यूनिट में लगी हुई है। विनोद अपने दोनों बच्चों और पत्नी के साथ यूनिट में ही स्थित रिहायशी क्वार्टर में रह रहा था। सोमवार रात ड्यूटी से आने के बाद विनोद साथी जवान की सेवानिवृत्ति की पार्टी में चला गया। पीछे से उसकी पत्नी रागी ने अपने दिव्यांग बेटे विशाख की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद पत्नी ने खुद भी फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। हवलदार विनोद पार्टी से लौटा तो उसे घटना के बारे पता चला। थाना मामून के एएसआई अश्वनी कुमार ने बताया कि हवलदार विनोद ने पुलिस को बयान दिए हैं कि उसकी पत्नी अपने बड़े बेटे के दिव्यांग होने के कारण परेशान रहती थी जिसके चलते उसने इस वारदात को अंजाम दिया। एएसआई ने कहा कि विनोद कुमार के बयान पर धारा 174 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।