फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शातिर महिलाओं की करतूत जान आप भी चौंक जाएंगे

Sun, 08 Jun 2014 11:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
विज्ञापन
विज्ञापन
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड में दस्तावेजों की वेरीफिकेशन में दो केस ऐसे सामने आए हैं। जिन्होंने जाली दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरियां हासिल की थी।
विज्ञापन


हैरानी की बात है कि दोनों मामले में आरोपी महिलाएं हैं। बोर्ड ने दस्तावेजों की वेरीफिकेशन रिपोर्ट संबंधित संस्थानों को भेज दी है। साथ ही महिलाओं का रिकॉर्ड ब्लैक लिस्ट घोषित कर दिया है।

बोर्ड ने उनका ब्योरा भी अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। ताकि यह महिलाएं दोबारा किसी अन्य जगह सर्टिफिकेट का प्रयोग न कर सकें।

बोर्ड के मुताबिक मई 2014 में कई विभागों से दस्तावेज वेरीफिकेशन के लिए आए थे। जांच में सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल जालंधर से आया पूनम नाम की महिला का 10वीं कक्षा अतिरिक्त विषय का सर्टिफिकेट जाली पाया गया। सर्टिफिकेट मार्च 1996 का बना हुआ था। लेकिन जब जांच की गई, तो बोर्ड के रिकॉर्ड से मेल नहीं हुआ।
विज्ञापन


इसी तरह बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस फरीदकोट से तविंदर कौर नाम पर एक सर्टिफिकेट वेरीफिकेशन के लिए आया था।

सर्टिफिकेट मार्च 2008 में बना दिखाया गया था। जांच में यह भी जाली पाया गया है। बोर्ड ने यूनिवर्सिटी को भी इसकी रिपोर्ट भेज दी है।

हर महीने पकड़े जाते हैं ऐसे केस
बोर्ड में वेरीफिकेशन के लिए हर महीने दो हजार के करीब सर्टिफिकेट आते हैं। जिनमें अक्सर ऐसे केस पकड़े जाते हैं। बोर्ड ऐसे लोगों पर अब खुद भी पुलिस कार्रवाई करने की योजना बना रहा है। ताकि ऐसे केसों पर रोक लगाई जा सके।
विज्ञापन


जिक्र योग है कि एक साल में सौ के करीब जाली दस्तावेजों वाले केस सामने आए हैं। इसमें अधिकतर सर्टिफिकेट पंजाब पुलिस, रेलवे, इंडियन आर्मी, हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग एवं पीयू पटियाला शामिल है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें