जिला अदालत ने अपने पति को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के जुर्म में एक महिला को पांच साल कैद की सजा सुनाई है। उस पर पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
अदालत ने इस केस में नामजद महिला के एक रिश्तेदार को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।
अदालत ने सुनवाई के दौरान आरोपी सुप्रीत कौर (27) को अपने पति गुरप्रीत सिंह (29) को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का दोषी पाया गया।
सुप्रीत के रिश्तेदार जतिंदर सिंह को बरी कर दिया गया। अदालत सुप्रीत के माता-पिता और भाई को पहले ही भगोड़ा करार दे चुकी है।
थाना फेज एक पुलिस ने नवंबर 2007 में गुरप्रीत के पिता गुरदेव सिंह की शिकायत पर सुप्रीत कौर और उसके रिश्तेदारों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में पर्चा दर्ज किया था।
पुडा के मुलाजिम गुरप्रीत ने अपने फेज 3बी2 स्थित घर में पंखे से फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली थी।
पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला था। इसमें गुरप्रीत ने लिखा था कि वह सुप्रीत और उसके रिश्तेदारों द्वारा परेशान किए जाने से दुखी होकर आत्महत्या कर रहा है।