चंडीगढ़ में वाहन चोरों ने आतंक मचा रखा है। न घर के बाहर गाड़ियां सुरक्षित हैं, न पार्किंग में। बीते डेढ़ साल में वाहन चोरी के मामलों में जबरदस्त उछाल आया है।
2024 और 2025 में चोरी हुए वाहनों में 1426 दो पहिया और 199 चार पहिया वाहन चोरी हो चुके हैं। यानी मोटरसाइकिल, स्कूटर, साइकिल, ट्रक और कारें भी सुरक्षित नहीं। चोर गिरोह रात के वक्त सोसाइटी और घरों के बाहर खड़ी गाड़ियों को सबसे आसान निशाना बना रहे हैं। कुछ वारदातों में तो आरोपियों ने घरों के अंदर घुसकर वाहर चोरी कर लिए।
वाहन चोरी से परेशान लोग अब सीसीटीवी, जीपीएस ट्रैकर और सिक्योरिटी गार्ड की मदद लेने लगे हैं, लेकिन फिर भी घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं। चंडीगढ़ में हर तीसरे दिन एक वाहन चोरी हो रहा है । ये आंकड़ा पुलिस के लिए चुनौती और जनता के लिए चिंता दोनों है।
कई मामलों में देखा गया कि चोरी किए गए वाहन नंबर प्लेट बदले बिना ही शहर में घूमते रहते हैं। चोर जानबूझकर भीड़भाड़ वाले बाजारों या स्लम कॉलोनियों में गाड़ियां खड़ी रखते हैं ताकि उन पर शक न हो। कुछ मामलों में आरोपी चोरी के वाहनों से वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
बाइक 586
कार 114
ट्रक (लोडर) 16
एक्टिवा 310
रिक्शा 46
साइकिल 10
इन वाहनों की पीड़ित ने ई शिकायत में जानकारी नहीं डाली 236
बाइक 338