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चंडीगढ़ में वाहन चोरों का आतंक: डेढ़ साल में दो हजार गाड़ियां चोरी, 179 ही ढूंढ सकी पुलिस; GPS-CCTV सब फेल

Mon, 14 Jul 2025 02:23 PM IST
निवेदिता वर्मा संदीप खत्री, संवाद, चंडीगढ़

सार

पिछले एक महीने में ऑपरेशन सेल ने दो बार वाहन चोरों को गिरफ्तार किया। लेकिन इतनी कामयाबियों के बावजूद शहर में गाड़ियों की सुरक्षा सवालों में है। आरोपी सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो चुके हैं। इसके बावजूद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पा रही।
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कार चोरी - फोटो : वीडियो ग्रैब/फाइल
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विस्तार
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चंडीगढ़ में वाहन चोरों ने आतंक मचा रखा है। न घर के बाहर गाड़ियां सुरक्षित हैं, न पार्किंग में। बीते डेढ़ साल में वाहन चोरी के मामलों में जबरदस्त उछाल आया है। 

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पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक साल 2024 में कुल 1318 वाहन चोरी हुए, जबकि 2025 में अब तक 770 वाहन चोरों के हाथ लग चुके हैं। डेढ़ साल में चोरी हुए 2088 वाहनों में से पुलिस सिर्फ 179 वाहनों को ही बरामद कर सकी। यानी रिकवरी दर 8.57 प्रतिशत रहा। जबकि 91 प्रतिशत वाहनों का कोई सुराग नहीं लगा। 

वाहन चोर खासतौर पर एक्टिवा, बाइक और पुरानी मॉडल की कारों को निशाना बना रहे हैं। साल 2024 में चोरी हुए 1318 वाहनों में पुलिस 135 ही ढूंढ पाई है। जिसमें 115 दो पहिया वाहन, 8 थ्री व्हीलर और 12 चार पहिया वाहन बरामद हुए। जबकि इस साल अभी तक पुलिस चोरी हुए 770 वाहन वाहनों में 44 वाहन ही ढूंढ सकी। जिसमें 37 दो पहिया, 4 थ्री व्हीलर और तीन चार पहिया वाहन शामिल हैं। डेढ़ साल में चोरी हुए 199 चार पहिया वाहनों में केवल 15 वाहन ही बरामद हुए।

1426 दोपहिया और 199 चार पहिया वाहन चोरी

2024 और 2025 में चोरी हुए वाहनों में 1426 दो पहिया और 199 चार पहिया वाहन चोरी हो चुके हैं। यानी मोटरसाइकिल, स्कूटर, साइकिल, ट्रक और कारें भी सुरक्षित नहीं। चोर गिरोह रात के वक्त सोसाइटी और घरों के बाहर खड़ी गाड़ियों को सबसे आसान निशाना बना रहे हैं। कुछ वारदातों में तो आरोपियों ने घरों के अंदर घुसकर वाहर चोरी कर लिए।

जीपीएस ट्रैकर के बावजूद नहीं रूक रही चोरियां

वाहन चोरी से परेशान लोग अब सीसीटीवी, जीपीएस ट्रैकर और सिक्योरिटी गार्ड की मदद लेने लगे हैं, लेकिन फिर भी घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं। चंडीगढ़ में हर तीसरे दिन एक वाहन चोरी हो रहा है । ये आंकड़ा पुलिस के लिए चुनौती और जनता के लिए चिंता दोनों है।

चोरी के बाद भी शहर में घूमते रहते हैं वाहन

कई मामलों में देखा गया कि चोरी किए गए वाहन नंबर प्लेट बदले बिना ही शहर में घूमते रहते हैं। चोर जानबूझकर भीड़भाड़ वाले बाजारों या स्लम कॉलोनियों में गाड़ियां खड़ी रखते हैं ताकि उन पर शक न हो। कुछ मामलों में आरोपी चोरी के वाहनों से वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।

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इससे साफ है कि चोरी के बाद भी वाहन शहर की सड़कों पर घूमते रहते हैं और पुलिस की निगरानी को धता बताते हैं। पुलिस अब ऐसे इलाकों में भी विशेष तलाशी अभियान चला रही है।

सेक्टर 37 निवासी अनुराधा और अमनप्रीत कौर ने कहा कि चोरों के हौसले बुलंद हैं, पुलिस के हाथ फिलहाल बंधे से लगते हैं। ऐसे में अब जरूरत है सख्त कानून और तेज कार्रवाई की, ताकि शहर की सड़कों से यह डर खत्म हो सके। अनुराधा ने कहा कि उसकी कार जो उसने नौकरी करके पैसे इक्टट्ठा करके खरीदी थी उसे चोरों ने चोरी कर लिया। जो अब तक नहीं मिल सकी। वहीं अमनप्रीत ने कहा कि
उसके भाई की चोरी हुई बाइक भी अभी तक नहीं मिल सकी।

2024 में चोरी हुए वाहन

बाइक               586
कार                 114
ट्रक (लोडर)      16
एक्टिवा             310
रिक्शा               46
साइकिल            10
इन वाहनों की पीड़ित ने ई शिकायत में जानकारी नहीं डाली      236

2025 में चोरी हुए वाहन

बाइक              338

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कार                56
ट्रक (लोडर)     13
एक्टिवा            192
रिक्शा              34
साइकिल            3
इन वाहनों की पीड़ित ने ई शिकायत में जानकारी नहीं डाली     134

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