आदेश का पालन न करने पर राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने यूनिटेक लिमिटेड के दो डायरेक्टरों अजय चंद्रा और रमेश चंद्रा को तीन-तीन वर्ष की कैद की सजा सुनाई है। दोनों डायरेक्टरों को 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी अदा करना होगा। आयोग ने दोनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया है।
मनीष अग्रवाल निवासी सेक्टर-70 मोहाली ने गुड़गांव स्थित यूनिटेक लिमिटेड, रीयल एस्टेट डिविजन (मार्केटिंग), सेक्टर-17 सी स्थित यूनिटेक लिमिटेड के डायरेक्टर मार्केटिंग और गुड़गांव स्थित यूनिटेक लिमिटेड रीयल एस्टेट डिविजन (मार्केटिंग) के डायरेक्टर अजय चंद्रा और रमेश चंद्रा के खिलाफ दी शिकायत में कहा कि उन्होंने मोहाली स्थित यूनिवर्ल्ड सिटी में यूनिटेक लिमिटेड के प्रोजेक्ट ‘गार्डेन्स’ में तीन बेडरूम का फ्लैट खरीदा था। इसकी कुल कीमत 38 लाख 48 हजार चार सौ रुपये थी। 17 मार्च 2011 को अपार्टमेंट अलॉटमेंट एग्रीमेंट हुआ। प्लॉट का पजेशन तीन वर्ष में दिया जाना था। उन्होंने 36 लाख 99 हजार 822 रुपये अदा किए, लेकिन फिर भी पजेशन नहीं दिया गया।
राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने सुनवाई के बाद 8 अप्रैल 2016 को यूनिटेक को निर्देश दिया था कि वह शिकायतकर्ता को 36 लाख 99 हजार 822 रुपये लौटाए। साथ ही इस राशि पर 15 प्रतिशत कंपाउंडेड क्वार्टली ब्याज अदा करे। तीन लाख रुपये मुआवजा और 50 हजार रुपये मुकदमा खर्च भी दे, लेकिन यूनिटेक ने निर्देश का पालन नहीं किया।