फरीदकोट और मोगा से दो आतंकी गिरफ्तार
पंजाब पुलिस ने दो और आतंकियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने पिछले महीने जिस आतंकवादी गिरोह का पर्दाफाश किया था, ये दोनों उसी से जुड़े हैं। गुरप्रीत सिंह और सिमरनजीत सिंह को उनके पैतृक गांवों जीवनवाल (फरीदकोट) और कमालपुर (मोगा) से गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से दो .32 बोर की पिस्तौल, चार मैगजीन और कारतूस बरामद किए गए हैं।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार जांच में खुलासा हुआ है कि कनाडा के ब्रैम्पटन में रहने वाला गुरजीत चीमा इस साल की शुरुआत में भारत आया था। उसने इस दौरान गुरप्रीत सिंह उर्फ पीत को दो पिस्तौल और असलाह दिया था। बाद में इनमें से एक पिस्तौल सिमरनजीत सिंह उर्फ निक्का को दे दी गई। उसे पंजाब में पंथ विरोधियों को निशाना बनाने का काम दिया गया था।
कनाडा से हो रही फंडिंग :
इन दोनों की गिरफ्तारियां 21 मई को पकड़े गए आतंकी गिरोह से जांच में हासिल जानकारी के आधार पर की गई। उस वक्त मान सिंह (गुरदासपुर) और शेर सिंह (जालंधर) को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में अमृतसर ग्रामीण पुलिस के रामदास पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए गुरप्रीत सिंह उर्फ पीत ने पूछताछ में खुलासा किया है कि मोगा जिले का गुरप्रीत सिंह जोकि इन दिनों वैंकुवर (कनाडा) में रहता है, मार्च-अप्रैल 2016 के दौरान भारत आया था। उसी ने पंजाब में आतंकवाद को फिर से जीवित करने के लिए उसे उकसाया था।
2017 में गुरप्रीत सिंह ने मोगा जिले के गांव मुडकी में गुरजीत चीमा और मान सिंह के साथ उसकी मीटिंग कराई और उससे वादा किया कि वह जल्दी ही उसे हथियार उपलब्ध करा देगा। पीत ने यह भी खुलासा किया है कि गुरजीत चीमा और उसके सहयोगी कनाडा में बसे हैं। ब्रैम्पटन निवासी गुरजिंदर सिंह आतंकवादी गतिविधियों को हवा देने के लिए उसे व अन्य सदस्यों को नियमित तौर पर फंडिंग कर रहा है। यह पैसा औपचारिक और अनौपचारिक दोनों तरीकों से उन तक पहुंचता है।