माता मनसा देवी नवरात्र मेले के दौरान सितंबर 2011 में बच्चा किडनैप करने के दोषी कश्मीर सिंह को कोर्ट ने पांच साल कारावास की सजा सुनाई।
इसके अलावा तीन हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया। वहीं, अपने पास अपहृत बच्चा नहीं होने के बावजूद फिरौती मांगने के दोषी रवि को तीन साल कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
एडवोकेट सुधीर सिंगल ने बताया कि इस वारदात में शामिल पांच अन्य आरोपियों को पिछली सुनवाई पर बरी कर दिया गया था, जिनमें कश्मीर की पत्नी आरती, पिता प्रताप, बच्चा खरीदने वाला जसपाल, रवि का साथी प्रदीप व फर्जी पते पर सिम बेचने वाला दुकानदार जतिंद्र शामिल हैं।
पिंजौर निवासी सरिता दस माह के बच्चे के साथ 28 सितंबर 2011 को माता मनसा देवी मंदिर में दर्शन करने आई थी। प्यास लगने पर पास में ही खड़ी आरती और उसके पति कश्मीर सिंह को बच्चा सौंपकर चली गई।
इसी बीच वे बच्चे को लेकर फरार हो गए। बच्चे निशांत के लापता होने के बाद उसके मामा आशू ने दो दिन बाद विज्ञापन देकर निशांत का पता बताने वाले को ईनाम देने की घोषणा की।
विज्ञापन पर उसका नंबर था। यह देखकर डेराबस्सी के रवि व प्रदीप ने फोन कर 10 लाख रुपये की फिरौती मांग थी, जबकि उनके पास अगवा बच्चा नहीं था। बाद में दोनों गिरफ्तार हो गए थे।
दो फरवरी 2012 को आरोपी दंपति को होशियारपुर के गांव कादियां से दबोच लिया गया था। उन्होंने बताया कि कश्मीर के पिता प्रताप सिंह के कहने पर बच्चे को जसपाल सिंह नाम के व्यक्ति को 70 हजार रुपये में बेच दिया है।
पुलिस ने कश्मीर सिंह की शिनाख्त पर जसपाल के घर रेड कर बच्चे को रिकवर कर लिया था।