जसविंदर सिंह को पीटने की पूरी घटना फैक्टरी में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। कई आरोपी मिलकर जसविंदर सिंह को पीट रहे हैं। उसे पीटते हुए फैक्टरी के बाहर तक ले गए। आरोपियों ने उनकी पगड़ी उतारकर दाढ़ी के बाल खींचे। डड्डूमाजरा गांव निवासी हरिंदर सिंह उर्फ गोलू ने बताया कि 114 नंबर में उनके ताऊ की फैक्टरी है।
चंडीगढ़ के रामदरबार स्थित इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में फैक्टरी में जसविंदर सिंह से मारपीट करने और तेजधार हथियार से हमला करने के मामले में पुलिस ने भाजपा नेता और पूर्व डिप्टी मेयर अनिल दुबे के भाई मनीष उर्फ बबलू दुबे और पंचम को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को मंगलवार को जिला अदालत में पेश किया।
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जसविंदर सिंह को पीटने की पूरी घटना फैक्टरी में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। कई आरोपी मिलकर जसविंदर सिंह को पीट रहे हैं। उसे पीटते हुए फैक्टरी के बाहर तक ले गए। आरोपियों ने उनकी पगड़ी उतारकर दाढ़ी के बाल खींचे। डड्डूमाजरा गांव निवासी हरिंदर सिंह उर्फ गोलू ने बताया कि 114 नंबर में उनके ताऊ की फैक्टरी है।
ताऊ के बेटे जसविंदर सिंह ने पंचम चौहान को फैक्टरी किराए पर दी हुई है। जसविंदर गुरु पर्व के अवसर पर रविवार दोपहर करीब ढाई बजे फैक्टरी में साफ-सफाई करने के लिए गया था। जहां देखा किरायेदार पंचम कुछ लोगों के साथ बैठकर मीट और शराब का सेवन कर रहे हैं। जसविंदर सिंह ने उन्हें फैक्टरी में शराब और मीट का सेवन करने से रोका। इस दौरान पंचम के साथ वाली फैक्टरी के संचालक मनीष दुबे भी फैक्टरी में आ गया, जहां जसविंदर के साथ बुरी तरह मारपीट की गई। लोग तमाशा देखते रहे। मारपीट के दौरान आसपास दर्जनों लोग मौजूद थे, लेकिन किसी ने बीच बचाव नहीं किया। जसविंदर ने कहा कि ये सब लोग मनीष दुबे और पंचम के साथ आए थे। पुलिस हमला करने वाले अन्य आरोपियों की पहचान कर रही है, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार करेगी।
घटना के बाद लहूलुहान अवस्था में पुलिस उपचार के लिए जसविंदर को जीएमसीएच-32 लेकर गई। इलाज के बाद जसविंदर घर चले गए। घर पहुंचने के बाद उनकी तबियत और बिगड़ गई। इसके बाद परिवार के लोग आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जसविंदर सिंह के साथ सेक्टर-31 पुलिस थाने पहुंचे। पुलिस जसविंदर को लेकर शाम करीब साढ़े 5 फैक्ट्री पहुंची। जसविंदर ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने सेक्टर- 31 थाने के पुलिसकर्मियों के सामने महिलाओं के साथ भी गालीगलौज की और मारने की कोशिश की। इसके बाद पीड़ित ने फिर पुलिस को कॉल की।
सीबीआई ने रिश्वत मामले में किया था मनीष दुबे को गिरफ्तार
सीबीआई ने मनीष उर्फ बबलू दुबे को दो साल पहले एक रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया था। मनीष एक सिपाही के साथ मिलकर रिश्वत की डील कर रहा था। रामदरबार निवासी दीपक उर्फ दीपा को गिरफ्तार करने की धमकी दी जा रही थी। उसने सिपाही और मनीष दुबे के खिलाफ सीबीआई को जानकारी दे दी। दीपक की शिकायत पर पुलिस ने बबलू दुबे और एक अन्य बिचौलिए को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि कुछ महीनों बाद मनीष जमानत पर जेल से बाहर आ गया था।