मां कमरा बंद करके सो गई। अचानक आग लग गई और उसकी दो बेटियों की जान ले गई। बड़ी बेटी की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना पंजाब के पटियाला की है।
हीरा नगर में धुएं से दम घुटने के कारण दो मासूम बच्चियों की मौत हो गई, जबकि उनकी बड़ी बहन की हालत गंभीर बनी हुई है। जिसका राजिंदरा अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के समय कमरे में बच्चियों की मां भी मौजूद थी, जो उस समय सो रही थी। खबर लिखे जाने तक कमरे में आग लगने के कारण साफ नहीं हो सके थे। पुलिस ने मामले में 174 की कार्रवाई की है।
मामले के जांच अधिकारी माडल टाऊन चौकी के एएसआई श्मशेर सिंह ने बताया कि स्थानीय 22 नंबर फाटक के नजदीक हीरा नगर में 467/11 नंबर मकान की पिछली साइड में बने एक कमरे के सर्वेंट क्वार्टर में मकान के केयर टेकर के तौर पर राजू, उसकी पत्नी मीरा और उसकी तीन बच्चियां रहती थीं। मकान का मालिक वहां नहीं रहता था।
रोजाना की तरह राजू, जो मजदूरी करता है, वह अपने काम पर चला गया। पत्नी मीरा ने बताया कि सुबह करीब 11 बजे वह कोठियों में साफ-सफाई का काम करके जब वापस कमरे में आई, तो कमरे का दरवाजा बंद करके सो गईं। तीनों बच्चियां पास में ही खेल रही थीं।
जब आधे घंटे बाद उसकी आंख खुली, तो उसने देखा कि कमरे के अंदर धुआं ही धुआं भरा हुआ था। उसकी तीनों बच्चियां चार साल की खूशबु, तीन साल महक व दो साल की चांदनी बेहोशी की हालत में पड़ी थीं। उसने शोर मचाया, जिस पर आसपास के लोग इकट्ठा हुए और बच्चियों को तुरंत राजिंदरा अस्पताल ले जाया गया। जहां महक व चांदनी की मौत हो गई, जबकि खूश्बू का इलाज चल रहा है, जिसकी हालत फिलहाल गंभीर बताई जा रही है।
एएसआई श्मशेर सिंह ने बताया कि पुलिस को कमरे की जांच में जली हुई रजाई और टेबल बगैरा मिले हैं। लेकिन यह चीजें किस तरह से जलीं, इस बारे में अभी साफ नहीं हो पाया है। हो सकता है कि कोई जलती हुई माचिस की तीली बगैरा से आग लगी हो, जो ज्यादा भड़की नहीं। लेकिन इस आग से कमरे में धुआं भर गया और दम घुटने से बच्चियों की मौत हो गई। कमरे में केवल एक दरवाजा ही था, कोई खिड़की या रोशनदान नहीं था। दरवाजा भी बंद कर दिया गया था।