कुलगाम जिले में गुरुवार को एवलांच की चपेट में आने से दो दोस्तों की मौत के बाद सोमवार को उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। बता दें कि मृतक दोनों दोस्त श्री नगर में घूमने के लिए 3 फरवरी को गए थे। वहां एवलांच में उनकी मौत हो गई। रविवार देर शाम मृतकों के शव उनके परिजनों को सौंपा गया था।
सोमवार को बलजीत सिंह का अंतिम संस्कार रावी दरिया के पास किया गया। बलजीत सिंह जो कि शादीशुदा नहीं था, इसलिए उसके परिजनों ने सेहरा बांधकर उसका संस्कार किया। बलजीत सिंह के पिता हरी सिंह ने चिता को अग्नि दी। वहीं विक्की का अंतिम संस्कार गांव उधमपुर के शमशानघाट में किया गया। बलजीत सिंह की माता जसपाल कौर की 2004 में ही मौत हो गई थी।
बलजीत सिंह पुत्र हरी सिंह (33) और विक्की पुत्र कुलविंदर सिंह (35) निवासी डेरा बाबा नानक आपस में दोस्त थे। श्रीनगर घूमने के लिए 3 फरवरी को डेरा बाबा नानक से रवाना हुए थे। 7 फरवरी को श्री नगर से घूमकर वह वापस आ रहे थे। जब वह कुलगाम जिले की पुलिस चौकी जवाहर टनल के पास पहुंचे तो उन्हें पुलिस कर्मियों ने रोक लिया कि आगे रास्ता खराब है, वह न जाएं।
उसी दिन रात के समय ही चौकी के उपर एवलांच आ गया, जिसमें दबने से 7 पुलिस कर्मियों और उक्त दोनों की मौत हो गई। हालांकि कई को रेस्कयू के जरिए बाहर निकाल लिया गया था। शवों को कुलगाम जिले के काजीकुंड अस्पताल में रखा गया, जहां उनकी पड़ताल करने के बाद रविवार को हेलीकॉप्टर से डेरा बाबा नानक में परिजनों को सौंप दिया गया।