कर्ज के चलते सुसाइड का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। दो और जिंदगियां कुर्बान हो गईं, एक ने फंदा लगा लिया तो दूसरा ट्रेन के आगे कूदा। मामला पंजाब के मानसा का है। कर्ज व गरीबी से परेशान एक किसान व एक मजदूर ने खुदकुशी कर ली।
किसान ने खेत में फंदा लेकर अपनी जान दे दी जबकि मजदूर ने छिंदवाड़ा एक्सप्रेस गाड़ी के नीचे आकर खुदकुशी कर ली। दोनों के शव पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने वारिसों के हवाले कर दिए। गांव बुर्ज ढिलवां का किसान गुरनैब सिंह (32) पुत्र दान सिंह के सर पर सोसायटी, आढ़ती व अन्य लेनदारियों का पांच लाख रुपये का कर्ज था। वह डेढ़ किल्ले जमीन का मालिक था।
पिछले समय में उसने नरमे की फसल बीजी और अब 50 हजार प्रति किल्ला ठेके पर चार किल्ले लेकर लेकर खेती कर रहा था। उसका एक भाई फौज में है। वह भी अपने भाई की तरह कोठी डालने की इच्छा रखता था, जिस कारण किसान गुरनैब सिंह परेशानी में घिरता गया। शनिवार की रात वह घर से खेत में पानी लगाने गया और उसने वहां कोठे में फंदा लगाकर जान दे दी।
सदर थाना मानसा की पुलिस ने मृतक गुरनैब सिंह की पत्नी अमनदीप कौर के बयानों पर 174 की कार्रवाई करते पोस्टमार्टम के बाद शव वारिसों के हवाले कर दिया। वहीं, गांव खोखरकलां के मजदूर बिंद्र सिंह (48) ने छिंदवाड़ा एक्सप्रेस के नीचे आकर खुदकुशी कर ली। बिंद्र सिंह को टीबी थी।