पंजाब में कर्ज के बोझ तले दबे किसानों द्वारा खुदकुशियां करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। इसके चलते संगरूर के गांव भाई की पिशौर के एक किसान ने कर्ज से परेशान होकर गांव संगतीवाला की नहर में छलांग लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली।
किसान नेता धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि उनके गांव का 55 वर्षीय किसान बावा सिंह महज सात कनाल जमीन का मालिक था और कुछ जमीन ठेके पर लेकर अपने परिवार का भरण पौषण कर रहा था। उसके सिर पर बैंक तथा अन्य का करीब सात लाख रुपये का कर्ज था जिसे लौटा पाने में वह असमर्थ था।
इसके कारण किसान बावा सिंह पिछले समय से परेशान रहता था और परेशानी के चलते उसने नहर में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। उसका शव गांव नंगला से गुजरती नहर से निकाल लिया और पोस्टमार्टम के लिए सुनाम अस्पताल में भेज दिया।
बठिंडा में किसान ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान
किसान आत्महत्या
- फोटो : Demo Pic
बठिंडा जिले के गांव पथराला में एक किसान ने कर्ज से परेशान होकर रेलगाड़ी के आगे कूदकर जान दे दी। मृतक की पहचान लाभ सिंह के तौर पर हुई है। जानकारी के अनुसार किसान लाभ सिंह के पास कुछ एकड़ जमीन थी। वह इस जमीन पर खेती कर घर का गुजारा करता था। इसी बीच उसने अपनी जमीन पर कर्ज लेकर कुछ समय पहले ही अपनी बेटी की शादी की।
कर्ज लेने के बाद से वह परेशान था। किसान के परिजनों ने बताया कि कर्ज न उतार पाने के लिए किसान लाभ सिंह अक्सर ही परेशान रहता था। इसके चलते शनिवार को उक्त किसान ने गांव से गुजरती रेलवे लाइनों पर आ रही रेलगाड़ी के आगे कूदकर जान दे दी । वहीं जीआरपी पुलिस के अधिकारी ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए सिविल अस्पताल बठिंडा में भेजकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।