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संदिग्ध हालात में दो भाइयों की मौत, मुंह से निकल रहा था खून और झाग

Mon, 01 May 2017 09:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
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संदिग्ध हालात में दो भाइयों की मौत
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फेज-11 में रविवार दोपहर दो बुजुर्गों के शव किराए के बंद कमरे में मिलने से सनसनी फैल गई। मौत की वजह साफ नहीं हो सकी है। एक के सिर से खून और मुंह से झाग निकल रहा था। दोनों शवों को सबसे पहले काम करने आई महिला ने देखा। सूचना मिलते ही मौके  पर पुलिस पहुंच गई। मृतकों की पहचान दविंदर सेठी (78) और सुशील सेठ (76) के रूप में हुई है। दोनों रिश्ते में सगे भाई थे। वह 2009 से यहां किराए पर रहे थे। पुलिस ने उनके दिल्ली में रह रहे रिश्तेदारों को सूचित कर दिया है। पुलिस का कहना है कि दोनों के रिश्तेदारों के आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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जानकारी के मुताबिक, यह मामला रविवार दोपहर का है। जब फेज-11 के एचआईजी मकान नंबर 648 बी में काम करने वाली महिला पहुंची तो घर का दरवाजा खुला था। जब वह अंदर गई तो देखा कि दोनों भाइयों के शव बिस्तर पर पड़े हुए थे। वह तुरंत बाहर आ गई। साथ ही आसपास व मकान मालिक को इस बारे में सूचित किया। सूचना मिलते ही पड़ोसी इकट्ठा हो गए। इस दौरान उनके घर की ऊपर वाली मंजिल में पहले किराए पर रह चुका नामी अस्पताल का डॉक्टर भी पहुंच गया। डॉक्टर पहले दोनों का इलाज करता था। उसने बताया कि दविंदर को ब्रेन स्ट्रोक था और यह बीमारी उसे काफी समय से थी। डॉक्टर ने कहा कि दविंदर अक्सर उससे कहता था कि उसके भाई की मौत उससे पहले न आए, अगर वह उससे पहले दुनिया छोड़ गया तो वह भी उसके बिना इस दुनिया में नहीं रहेगा।

भाई के परिवार को सूचित किया
पुलिस ने बताया कि दविंदर और सुशील का बड़ा भाई दिल्ली में रहता था। उसकी भी मौत हो चुकी है। अब वहां पर उसका परिवार रहता है। इस संबंध में उसके परिवार को सूचित कर दिया गया।
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आर्थिक स्थिति खराब, पड़ोसी चला रहे थे घर

संदिग्ध हालात में दो भाइयों की मौत
छोटा भाई करता था बड़े की सेवा
दविंदर एक बड़ी कंपनी में अच्छी पोस्ट से रिटायर्ड हुआ था। वर्ष 2009 में दविंदर व सुशील दोनों दिल्ली से आकर मोहाली फेज-11 में रहने लगे थे। सुशील दिमागी तौर पर बीमार था। इस कारण उसकी शादी नहीं हुई। दविंदर ने शादी की थी। मगर उसकी पत्नी की कैंसर से मौत हो गई थी। सुशील को भूलने की बीमारी भी थी। दविंदर ही उसे नहलाता खाना खिलाता, कपड़े पहनाता और उसका हर तरह से ख्याल रखता था।

नहीं कर सका छोटे भाई की मौत बर्दाश्त
पुलिस जांच में सामने आया कि रविवार को सुशील की नेचुरल मौत हो गई। इसके बाद उसके भाई दविंदर ने उसे उठाने की काफी कोशिश की लेकिन वह नहीं उठा। उसी दौरान अचानक दविंदर को ब्रेन स्ट्रोक का दौरा पड़ा और वह बेड पर गिर गया। इससे उसके माथे पर काफी चोट आई। उसके बाद वह जमीन से दोबारा नहीं उठ पाया। उसके मुंह से खून, उलटियां व झाग निकल रहा था।

आर्थिक स्थिति खराब, पड़ोसी चला रहे थे घर
जिस मकान में मृतक रहते थे उसका मकान मालिक भी मौके पर पहुंचा था। उसने बताया कि इन्होंने मकान का किराया तक नहीं दिया हुआ है। उसके अलावा पता चला है कि घर का बिजली व फोन का बिल भी पड़ोसी ही पैसे इकट्ठा करके भरते थे। यह दोनों अपने घर में ही रहते थे कभी भी किसी पड़ोसी ने इन्हें घर से बाहर नहीं देखा। घर में साफ सफाई के लिए इन्होंने काम करने वाली एक महिला रखी हुई थी। लेकिन उस महिला ने बताया कि उसे भी काफी समय से पैसे नहीं मिले है।

क्या कहते हैं अधिकारी
सुशील की नेचुरल मौत हुई है। इसका सदमा उसका बड़ा भाई दविंदर बर्दाश्त नहीं कर पाया। वह ब्रेन स्ट्रोक की बीमारी से जूझ रहा था। उसके चलते वह गिर पड़ा और बेड पर उसका सिर लगा। इससे उसकी मौत हो गई। शव ले जाने के लिए मृतक के भतीजे वरुण को सूचित कर दिया गया है, वह दिल्ली में रहता है।
- अमरप्रीत सिंह, फेज-11 थाना प्रभारी
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