बाउंसर अमित शर्मा उर्फ मीत पर गोलियां बरसाने वाले दोनों शूटरों अमनदीप सिंह उर्फ मनी और हरजिंदर सिंह उर्फ लाडी को पुलिस ने चंडीमंदिर एरिया से गिरफ्तार किया है। ये दोनों नाभा जेल में बैठकर बाउंसर अमित शर्मा उर्फ मीत की हत्या की साजिश रचने वाले गैंगस्टर गगनदीप के दोस्त हैं और गगन के इशारे पर ही इन दोनों ने मीत की हत्या की थी।
पुलिस रिमांड में गगन से हुई पूछताछ के बाद ही सीआईए और एमडीसी थाना की टीम ने ज्वाइंट ऑपरेशन के तहत दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर पहले भी जीरकपुर में कई अपराधिक मामले दर्ज हैं। हत्या के दौरान कार में तीन आरोपी सवार थे। पुलिस अभी तीसरे आरोपी की तलाश कर रही है।
जाते समय मीत की कार का टायर भी पंक्चर कर गए थे
8 मई को मीत अपनी मां के साथ सकेतड़ी के महादेव मंदिर से पूजा अर्चना के बाद लौट रहा था। इसी दौरान हत्यारे वहां ऑटो के पीछे छिपे थे, जिन्होंने कार में बैठने से पहले ही मीत पर गोलियां चला दीं। मीत के शरीर में छह गोलियां लगी थीं जबकि आरोपियों ने कार का टायर भी पंक्चर कर दिया था, ताकि गोली लगने के बाद अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सके। इस घटना के बाद मीत को पीजीआई ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई थी।
जेल से वाट्सएप कॉलिंग के रची थी हत्या की साजिश
पटियाला की नाभा जेल से वाट्सएप कॉलिंग के जरिये मीत की हत्या की साजिश रची गई थी। आरोपियों को गगन ने जेल में रहते हुए कई बार फोन किए। मीत हत्याकांड में और कौन शामिल है, पुलिस इसकी तफ्तीश में जुटी हुई है। दोनों आरोपी गगन के दोस्त हैं। उन्होंने दोस्ती में ही गगन की बात सुनकर हत्या की सुपारी ली।
पुलिस रिमांड में होने वाली पूछताछ में इस मामले की सच्चाई से पर्दा उठेगा। पुलिस ने अमित शर्मा उर्फ मीत की हत्या के मामले में जिन दो आरोपियों को गिरफ़्तार किया है, उनमें से एक बिजली मिस्त्री है तो दूसरा किरयाने की दुकान के आड़ में अपराध में शामिल रहा। दोनों के खिलाफ कुल आठ आपराधिक मामले दर्ज हैं।