बस स्टैंड के पास कार्यालय खोलने वाले एक ट्रेवल एजेंट पर लोगों से पांच करोड़ की ठगी का आरोप है। इसके बाद वह फरार हो गया। कमिश्नर अर्पित शुक्ला ने बताया कि आरोपी अरविंद मौर्य के खिलाफ केस दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बाकायदा नियम बनाए गए हैं कि बिना लाइसेंस के कोई व्यक्ति कार्य नहीं कर सकता। इसलिए मामले की बारीकी से जांच की जा रही है।
वहीं इस बारे में एसोसिएशन ऑफ कंसलटेंट फॉर ओवरसीज स्टडीज के प्रधान कमल भुंबला, सचिव कुलवंत सिंह, वाइस प्रधान सुकांत त्रिवेदी, जसपाल सिंह महासचिव का कहना है कि वे तो पहले से ही ठग एजेंटों की वजह से काफी बदनामी झेल रहे हैं। उनकी तरफ से लिखित शिकायत बाकायदा आला अधिकारियों को दी गई थी। इंपीरियल को स्कैन करने के लिए कहा था, लेकिन कुछ नहीं किया गया और आरोपी रुपये लेकर फरार हो गया।
आरोपी अरविंद मौर्य खुद को सोनीपत के गंजौर का रहने वाला बताता था। वह करीब एक साल पहले ही जालंधर आया था। यहां पर आकर उसने पाया कि लोग विदेश जाने के काफी चाहवान है। उसने इस धंधे में लोगों को चपत लगाने के लिए बस स्टैंड के पास एक टावर में कार्यालय किराए पर लिया। इंपीरियल कंसलटेंट के इन दावों से कई नामवर व अधिकृत ओवरसीज एजुकेशन कंसलटेंट के मालिक हैरान हो गए। यह मामला मीटिंग में भी उठा। इसके बाद एसोसिएशन का एक शिष्टमंडल बाकायदा पुलिस अधिकारियों से मिला। मानव तस्करी सेल के इंस्पेक्टर हरभजन सिंह को लिखित ज्ञापन दिया गया कि इंपीरियल ओवरसीज कंपनी की ओर से विज्ञापन दिए जा रहे हैं, उससे एक बड़ी ठगी की आशंका है। क्योंकि जो दावे इसमें किये जा रहे हैं, वह असंभव कार्य है।