पिता दर्शन लाल ने बताया कि दोपहर को 12.45 बजे उसके बेटे विशु का पड़ोसी के मोबाइल पर फोन आया था उसने बताया था कि उसका किसी ने अपहरण कर लिया है। इसके बाद पड़ोसी ने व्यापरी दर्शन लाल से बात कराई। फोन पर बेटे ने पिता को बताया कि बदमाश 5 लाख रुपए की मांग कर रहे हैं।
जब उसने कहा कि रविवार को वह इतने रुपये कहां से लेकर आयेगा तो उसके बेटे का दोबारा फोन आया और उसने बताया कि घर में ढाई लाख रुपये रखे हैं वही दे दो। इसके बाद व्यापारी ढाई लाख रुपये देने का तैयार हो गया तो बदमाशों ने उसे जीटी रोड पर गांव उचाना के समीप एक होटल के पास बुलाया और कहा कि गन्ने के खेत में एक पेड़ है उसके पास ढाई लाख रुपये रख दो। व्यापरी ने वहां ढाई लाख रुपये रख दिये लेकिन बदमाशों ने उसके बेटे को नहीं छोड़ा। इसके बाद व्यापारी ने रात को निसिंग थाना पुलिस में शिकायत दी।
दो आरोपी अभी है फरार
एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद ही इस मामले की जांच के लिये दो टीमों का गठन कर दिया था। सीआईए-1 इंचार्ज इंस्पेक्टर दीपेंद्र राणा ने मामले की जांच कर 3 जनवरी को मुख्य आरोपी निसिंग निवासी अमनदीप उर्फ अमन बाबा को पूंडरी से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में बदमाश ने बताया कि 29 दिसंबर को ढाई लाख रुपये लेने के बाद जब उन्हें पूरे रुपये नहीं मिली तो विशु की हत्या कर उसका शव पातड़ा खिनौरी नहर में फेंक दिया था। इस वारदात में उसके साथ करनाल के गांव गोंदर निवासी राजेंद्र उर्फ जींदा व रविंद्र उर्फ बिंद्र था।
वारदात में थी लूट की कार, मजदूर से छीना था फोन
पुलिस के अनुसार व्यापारी का बेटा विशु पहले से ही अमनदीप को जानता था। पूछताछ में अमनदीप ने बताया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पहले विशु को दुकान से किसी बहाने साइड में बुलाया। इसके बाद कार में बैठाकर उसका अपहरण कर लिया। यह कार उन्होंने कैथल कस्बा चीका से हथियार के बल पर छीनी थी। इसके बाद उन्होंने गांव कौल से पबनावा जाते समय एक भट्ठे के मजदूर से फोन छीन लिया था और उससे फोन करके विसु के परिजनों से फिरौती मांगी थी और विशु से ही फोन कराये थे।
दुख है कि पुलिस के अथक प्रयासों के बाद भी विशु को नहीं बचाया जा सका। परिजन यदि सुबह ही अपहरण की सूचना पुलिस को दे देते तो शायद पुलिस विशु का बचा सकती थी। फिलहाल इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। विशु का शव भी बरामद कर लिया है। अन्य दो आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लेंगे। -सुरेंद्र सिंह भौरिया, एसपी करनाल।