पुलिसवाले की बेटी के साथ हॉस्टल में शर्मनाक हरकत किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप वार्डन और साथी छात्राओं पर लगे हैं। मामला हरियाणा के रोहतक का है। एक शैक्षणिक संस्थान पर उसी में पढ़ने वाली एक छात्रा ने गंभीर आरोप लगाये हैं। पंचकूला के एएसआई की बेटी का आरोप है कि हॉस्टल से बाहर जाकर यौन संबंध बनाने के लिए छात्रावास की वार्डन और तीन छात्राओं ने उसे बंधक बनाकर जमकर पिटाई की।
विरोध करने पर उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। फिर कमरे में बंधक बनाकर उसे दिन भर भूखा-प्यासा रखा। उसका मोबाइल छीन लिया। परिजनों से बात नहीं कराई। उसके सामने ही उसके परिजनों को गलत जानकारी देकर भ्रमित किया गया। मामले की शिकायत की बात कहने पर उससे सादे कागज पर जबरन ऐसी बातें लिखवाई गईं जो उसके खिलाफ जाती हैं। बाद में उस कागज को इंटरनेट पर डालने की धमकी दी गई।
शिकायत के बावजूद कॉलेज प्रशासन ने चार माह तक टालमटोल का रवैया अपनाया। जब छात्रा के पिता हाईकोर्ट और डीजीपी के पास पहुंचे तो पुलिस ने छात्रावास की वार्डन शक्ति शर्मा, छात्रा कीर्ति शर्मा, स्वेता और मोनिका के खिलाफ बंधक बनाकर मारपीट करने का केस दर्ज किया है। अब हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई 5 अक्तूबर को है।
मामले को लेकर 28 मई को भी कॉलेज में हंगामा हुआ था। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा था। मामला ब्राह्मणवास स्थित गौड़ ब्राह्मण आयुर्वेदिक कॉलेज एंड हास्पिटल के छात्रावास का है।
छात्रा ने कुछ ऐसे सुनाई अपनी आपबीती
rape with minor
पुलिस को दी शिकायत में पंचकू ला निवासी छात्रा ने बताया है कि उसने नवंबर 2015 में गौड़ ब्राह्मण आयुर्वेदिक कॉलेज एंड हास्पिटल में बीएएमएस में दाखिला लिया था। छात्रा ने कुछ दिन बाद कॉलेज के छात्रावास में रहना शुरू किया। छात्रा बीएएमएस तृतीय वर्ष में पढ़ने वाली कीर्ति के साथ रहती थी। छात्रा का आरोप है कि 25 मई 2016 की सुबह वह अपने कमरे में थी। तभी उसकी रूम पार्टनर कीर्ति ने उसके मुंह में कपड़ा ठूंसकर पीटना शुरू कर दिया।
मारपीट करने के बाद उसे कमरे में बंधक बनाकर बंद कर दिया। उसका मोबाइल बंद करके अपने पास रख लिया और खाना खाने चली गई और उसे दिनभर भूखा-प्यासा रखा। बाद में छात्रा की रूम पार्टनर ने प्रथम वर्ष की दो अन्य छात्राओं को भी बुला लिया। फिर वह पीड़िता को वार्डन शक्ति शर्मा के ऑफिस में लेकर आई और वहां जमकर पिटाई की।
जब पीड़िता ने आरोपियों के प्रताड़ना का कारण पूछा तो उन्होंने उसे यौन संबंध बनाने के लिए बाहर भेजने की बात कही। छात्रा के इनकार और विरोध करने पर आरोपियों ने पीड़िता के मुंह में कपड़ा ठूंसकर उसके साथ फिर जमकर मारपीट की। आरोपियों ने पीड़िता का सिर दीवार पर मारा और चप्पलों से भी पिटाई की। जैसे-तैसे पीड़िता ने मामले की सूचना परिजनों को दी।
इसके बाद पीड़िता का ताऊ और मौसी उसे लेने कॉलेज पहुंचे। बाद में परिजनों ने छात्रा की मेडिकल जांच करवाई और आरोपियों के खिलाफ शिकायत दी। लेकिन न तो कॉलेज प्रशासन ने कोई कदम उठाया और न ही स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई की। फिर पीड़ित परिवार ने डीजीपी को मामले की शिकायत की। तब जाकर सदर थाने में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
आरोपी पक्ष का दावा, कई जांच हुई सारे आरोप झूठे
rape victim
- फोटो : Demo Pic
छात्रा के आरोपों को आरोपी पक्ष ने नकार दिया है। आरोपी पक्ष का कहना है कि मामले में कुरुक्षेत्र आयुर्वेदिक कॉलेज, डीएसपी पुष्पा खत्री सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी जांच कर चुके हैं। लेकिन कोई भी गलत बात सामने नहीं आई। लड़की के सारे आरोप झूठे हैं।
वार्डन शक्ति शर्मा का कहना है कि पुलिस और कुरुक्षेत्र कॉलेज की जांच में मेरे खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है। छात्राओं को हॉस्टल से बाहर भेजने की बात में एक प्रतिशत भी सचाई नहीं है। उल्टा लड़की के पिता पुलिस विभाग में होने की धमकी देते रहते हैं।
छात्रा जो आरोप लगा रही है वह गलत हैं। इस संबंध में श्री कृष्णा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज कुरुक्षेत्र की प्राचार्य डॉ. उषा दत्ता जांच कर चुकी हैं। महिला पुलिस अधिकारी और एडीसी प्रदीप कुमार के संज्ञान में पूरा मामला है। छात्रा को एक लाख 40 हजार रुपये फीस के और हास्टल मैस के 27-2800 रुपये के हिसाब से पैसे जमा कराने थे। उसने महज 40 हजार जमा कराए और बाकी पैसे जमा कराने के लिए 10 दिन का समय मांगा था। छात्रा ने प्रेक्टिकल कापी स्वयं जांच करके हस्ताक्षर कर दिए। इस बात से उसके पिता को अवगत कराया गया था। मामला एक्सट्रनल और इंट्रनल में पकड़ में आया था। छात्रा के पिता पुलिस में हैं, उन्होंने पंचकूला से केस किया है। छात्रा झूठे आरोप लगा रही है। वह संस्था को बदनाम करना चाहती है।
- डॉ. चंद्रशेखर पांडेय, प्राचार्य गौड़ ब्राह्मण आयुर्वेद मेडिकल कालेज