अपनी मांगों के लिए अड़े कंप्यूटर शिक्षकों ने कई बार लाठियां खाने के बाद आखिरकार निजी कंपनियों के शोषण से मुक्ति पा ली है।
शिक्षा विभाग की ओर से सोमवार को तीनों निजी कंपनियों के अनुबंध को समाप्त करने के आदेश जारी कर दिए गए। इन आदेशों को लेकर शिक्षकों और प्रशासन में पिछले एक सप्ताह से खींचतान चली आ रही थी, जिसको लेकर बीते वीरवार को शिक्षकों पर लाठीचार्ज भी किया गया था।
इसके बाद हरियाणा सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों को मंगलवार तक इंतजार करने को कहा गया था, लेकिन शिक्षकों के कड़े तेवर को देखते हुए विभाग ने सोमवार को ही आदेश जारी कर दिए। यह जानकारी कंप्यूटर शिक्षक संघ के प्रवक्ता सुरेश नैन ने दी।
उन्होंने बताया कि अभी सिर्फ दोषी कंपनियों को सजा मिली है, शिक्षकों के भविष्य पर सरकार ने अभी कोई फैसला नहीं लिया है। जल्द ही सरकार से बातचीत की जाएगी।
अगर फिर भी सरकार कोई उचित कदम नहीं उठाती तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगा। नैन के मुताबिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने शिक्षकों पर अभी फैसला सरकार पर छोड़ दिया है।
उधर, शिक्षक संघ के प्रदेश प्रधान बलराम धीमान का कहना है कि अभी सरकार ने कंपनियों के अनुबंध खत्म किया है। अब सरकार को अपना वादा निभाना चाहिए, जिसमें 31 जनवरी को मुख्यमंत्री ने कहा था कि कंपनियों के अनुबंध को खत्म होने के बाद शिक्षकों के लिए पालिसी बनाई जाएगी।