दिल्ली के कुख्यात बदमाश कृष्ण पहलवान की हत्या की योजना बनाते हुए करनाल पुलिस ने दिचाउकलां जिला नजफगढ़ दिल्ली निवासी आदित्य सहित तीन बदमाशों को पकड़ लिया है। ये सभी बदमाश कृष्ण पहलवान की हत्या करने के लिए कोहंड से असंध रोड स्थित कुताना चौक पर राहगीरों को लूटने की फिराक में थे।
पुलिस का दावा है कि लोगों को लूट कर वे रुपये इकट्ठा कर रहे थे, ताकि एक सप्ताह के अंदर ही बदमाश कृष्ण पहलवान की हत्या की जा सके। पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से तीन पिस्तौल और 2 राउंड कारतूस और कार बरामद की है। पत्रकारों से बातचीत में एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने बताया कि बदमाशों को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। बदमाशों से पूछताछ जारी है।
भरत सिंह ही हत्या के मामले में तिहाड़ जेल में बंद था आदित्य
एसपी ने बताया कि एंटी स्नैचिंग स्टाफ के इंचार्ज एएसआई प्रवीन कुमार को 17 जुलाई को सूचना मिली की चार युवक हथियारों के साथ एक कार में सवार हैं और वे कोहंड से असंध रोड पर कुतान चौक के समीप बंद पड़ी फैक्टरी के पास किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। इस पर प्रवीन अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचा तो वहां चारों आरोपी लोगों को लूटने के प्रयास में थे।
प्रवीन ने तुरंत आरोपी आदित्य, दिनेश व रोहित वासी दिचाउकलां जिला नजबगढ़ दिल्ली व रामपाल वासी रेरकलां जिला पानीपत को काबू कर लिया। जब उनसे पूछताछ की गई तो उन्होंने पूरे मामले का खुलासा किया। आदित्य पूर्व विधायक भरत सिंह की हत्या के मामले मे तिहाड़ जेल में बंद था।
2002 में की थी दादा व ताऊ की हत्या
एसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान आदित्य ने बताया कि कृष्ण पहलवान और भरत सिंह ने 2002 में उसके दादा सूरजमल और उसके ताऊ सुखबीर सिंह की हत्या करवा दी थी, जिसका बदला लेने के लिए उसने व उसके परिवार वालों ने मिलकर 2015 में भरत सिंह की थी। वह सभी तो जेल में बंद हैं, कृष्ण पहलवान की हत्या की जिम्मेवारी उसकी थी।
इसकी हत्या के लिए योजना बना रहे थे, उसने बताया कि अगर वह पकड़े नहीं जाते तो करीब एक सप्ताह के अंदर उसकी हत्या कर देनी थी। एसपी ने बताया कि भरत सिंह की हत्या के गवाह विपिन वासी नजबगढ़ की हत्या में भी आदित्य परिवार वालों के साथ शामिल था। इस संबंध में वह तिहाड़ जेल दिल्ली में बंद था, अब वह जमानत पर चल रहा था।